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इंश्योरेंस के लिए खास रहा साल 2024, IRDAI ने ग्राहकों के हित में किए ये 5 बड़े बदलाव

लाइफ और हेल्थ इंश्योरेंस के ग्राहकों के लिए यह साल काफी खास रहा। IRDAI ने 2024 में 5 नियमों में बड़े बदलाव किए। इन नियमों में काफी समय से बदलाव नहीं किया गया था। नियमों में इन बदलाव से ग्राहकों को काफी फायदा हो रहा है

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 17, 2024 पर 5:56 PM
इंश्योरेंस के लिए खास रहा साल 2024, IRDAI ने ग्राहकों के हित में किए ये 5 बड़े बदलाव
IRDAI ने कहा है कि इंश्योरेंस कंपनियों को अब पॉलिसी सिर्फ इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म में इश्यू करनी होगी। यह नियम 1 अप्रैल से लागू हो चुका है।

इंश्योरेंस के लिए साल 2024 खास रहा। इंश्योरेंस रेगुलेटर ने ग्राहकों के हित में नियमों में कई बड़े बदलाव किए। इसका फायदा लाइफ इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस सहित सभी तरह के ग्राहकों को होगा। इनमें कुछ ऐसे नियम भी शामिल हैं जिनमें कई दशकों से बदलाव नहीं हुआ था। पॉलिसीहोल्डर्स को इससे काफी नुकसान उठाना पड़ता था। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

  • लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की ज्यादा सरेंडर वैल्यू
  • अब लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी सरेंडर करने पर ग्राहक को ज्यादा पैसे मिलेंगे। इरडा के नए नॉर्म में सरेंडर वैल्यू (Surrender Value) के पुराने नियम को बदल दिया गया है। इसका फायदा लाइफ इंश्योरेंस की एन्डॉमेंट पॉलिसी खरीदने वाले ग्राहकों को मिलेगा। अगर किसी व्यक्ति को ऐसा लगता है कि उसने जो पॉलिसी खरीदी है वह उसके लिए ठीक नहीं है, उसे गलत पॉलिसी बेची गई है या वह प्रीमियम नहीं चुका पाने की वजह से पॉलिसी बंद करना चाहता है तो उसे चुकाए गए प्रीमियम का ज्यादा हिस्सा वापस मिल जाएगा।

    2.हेल्थ पॉलिसी के मॉरेटोरियम पीरियड में कमी

    हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी के मॉरेटोरियम पीरियड को घटाकर 5 साल कर दिया गया है। पहले यह 8 साल था। इरडा के नए नियम के मुताबिक, अगर किसी पॉलिसी का प्रीमियम लगातार 60 महीनों तक चुकाया जाता है तो बीमा कंपनी नॉन-डिसक्लोजर, मिसरिप्रजेंटेशन आदि के चलते ग्राहक का क्लेम खारिज नहीं कर सकती। सिर्फ फ्रॉड साबित होने पर उसे क्लेम रिजेक्ट करने का अधिकार होगा। लगातार 60 महीने तक प्रीमियम पेमेंट पीरियड को मॉरेटोरियम पीरियड कहा जाता है।

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