SEBI इनएक्टिव म्यूचुअल फंड फोलियो का पता लगाने के लिए प्लेटफॉर्म शुरू करेगा, आपको होंगे ये फायदे

इनएक्टिव फोलियो का मतलब म्यूचुअल फंड के ऐसे फोलियो से है जिसमें निवेशक की तरफ से पिछले 10 साल में कोई निवेश नहीं किया गया है, लेकिन इसमें यूनिट्स मौजूद हैं। स्कीम में निवेश तब तक पड़ा रहता है जब तक इनवेस्टर/उसकी नॉमिनी/कानूनी उत्तराधिकारी संबंधित एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) में रिडेम्प्शन का रिक्वेस्ट नहीं डालता है

अपडेटेड Dec 17, 2024 पर 4:46 PM
Story continues below Advertisement
सेबी ने इस प्रस्ताव पर 7 जनवरी तक लोगों की राय मांगी है।

म्यूचुअल फंड के निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। सेबी ने एक ऐसा प्लेटफॉर्म शुरू करने का प्रस्ताव पेश किया है, जिस पर निवेशकों को अपने इनएक्टिव म्यूचुअल फंड फोलियो की जानकारी मिल जाएगी। मार्कट रेगुलेटर ने इस बारे में एक कंसल्टेशन पेपर 17 दिसंबर को पेश किया है। इसमें 'मित्रा' पेश करने के प्लान के बारे में बताया गया है। मित्रा का मतलब है-म्यूचुअल फंड इनवेस्टमेंट ट्रेसिंग एंड रिट्रिवल असिस्टेंट।

इनएक्टिव म्यूचुअल फंड फोलियो का मतलब क्या है?

इनएक्टिव फोलियो (inactive folio) का मतलब म्यूचुअल फंड के ऐसे फोलियो से है जिसमें निवेशक की तरफ से पिछले 10 साल में कोई निवेश नहीं किया गया है, लेकिन इसमें यूनिट्स मौजूद हैं। सेबी ने निवेशकों के हित को ध्यान में रख यह प्रस्ताव पेश किया है। कई म्यूचुअल फंड निवेशक किसी वजह से अपने इनवेस्टमेंट को भूल जाते हैं। फिर, उनका फोलियो इनएक्टिव हो जाता है। लेकिन, इसमें निवेश किया गया फंड पड़ा रहता है।


फोलियो इनएक्टिव होने की क्या है वजह

ओपन-एंडेड ग्रोथ ऑप्शन वाली म्यूचुअल फंड स्कीम में निवेश तब तक पड़ा रहता है जब तक इनवेस्टर/उसकी नॉमिनी/कानूनी उत्तराधिकारी संबंधित एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) में रिडेम्प्शन का रिक्वेस्ट नहीं डालता है। PAN, ईमेल आईडी या सही एड्रेस नहीं होने की वजह से ऐसे फोलियो निवेशक के कंसॉलिडेटेड अकाउंट स्टेटमेंट में नहीं आते हैं। कई बार फिजिकल तरीके से किए गए निवेश के बाद इनवेस्टर का ट्रांसफर हो जाता है या कुछ मामलों में इनवेस्टर की मौत हो जाती है। ऐसी स्थिति में रिडेम्प्शन में फ्रॉड की आशंका बढ़ जाती है।

यह भी पढ़ें : Zomato-Swiggy से ऑनलाइन फूड डिलीवरी होगी सस्ती, GST काउंसिल टैक्स घटाकर कर सकती है 5%

प्लेटफॉर्म शुरू होने से क्या फायदा होगा

सेबी अगर इनएक्टिव फोलियो के प्लेटफॉर्म शुरू करता है तो इनवेस्टर्स अपने अनक्लेम्ड फोलियो की तलाश कर सकते हैं। रजिस्ट्रार और ट्रांसफर एजेंट्स इस प्लेटफॉर्म को विकसित कर सकते हैं। सेबी ने इस प्रस्ताव पर 7 जनवरी तक लोगों की राय मांगी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इस प्लेटफॉर्म के शुरू होने से म्यूचुअल फंड की स्कीम में बड़े अनक्लेम्ड अमाउंट को क्लेम किया जा सकेगा।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।