सिल्वर की जगह सोने में निवेश करने का आ गया है टाइम? गोल्ड-सिल्वर रेशो दूर कर देगा कन्फ्यूजन
चांदी जनवरी के अंत में 4,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 1.69 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। अब चांदी का भाव 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। ऐसे में निवेशकों के लिए बड़ा सवाल है कि अब कहां पैसा लगाना बेस्ट है सोना या चांदी? गोल्ड सिल्वर रेशो का फॉर्मूला दूर कर देगा सारी कन्फ्यूजन
Gold Silver Price: साल 2026 की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अब सोना और चांदी दोनों की कीमतों में तेज गिरावट आई है।
Gold Silver Price: साल 2026 की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद अब सोना और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। चांदी जनवरी के अंत में 4,00,000 रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 1.69 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर था। अब चांदी का भाव 2.50 लाख रुपये प्रति किलोग्राम और सोना 1.51 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा है। सोने से ज्यादा करेक्शन कीमतों के मामले में चांदी में आया है। ऐसे में निवेशकों के लिए बड़ा सवाल है कि अब कहां पैसा लगाना बेस्ट है सोना या चांदी? यहां गोल्ड सिल्वर रेशो का फॉर्मूला निवेशकों की मदद कर सकता है। जानिये क्या है ये लाइफ सेविंग फॉर्मूला और आप कैसे कर सकते हैं इस्तेमाल।
क्या होता है गोल्ड-सिल्वर रेशो?
गोल्ड-सिल्वर रेशो यह बताता है कि सोने की कीमत के मुकाबले चांदी कितनी महंगी या सस्ती है। इसे निकालने के लिए 10 ग्राम सोने की कीमत को 10 ग्राम चांदी की कीमत से भाग दिया जाता है। इससे निवेशकों को यह समझने में मदद मिलती है कि किस मेटल में निवेश ज्यादा फायदेमंद हो सकता है।
कैसे बदला रेशो?
जनवरी 2026 के अंत में जब कीमतें अपने उच्चतम स्तर पर थीं, तब यह रेशो करीब 46-47 के आसपास था। इसका मतलब था कि उस समय चांदी ज्यादा महंगी थी और सोना सिल्वर के मुकाबले सस्ता था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। अप्रैल 2026 में यह रेशो बढ़कर करीब 63-65 तक पहुंच गया है। इसका मतलब है कि अब सोना थोड़ा ज्यादा आकर्षक हो गया है, जबकि चांदी की कीमतों में ज्यादा गिरावट आई है।
उदाहरण के तौर पर 1 अप्रैल 2026 को सोना करीब 1,53,708 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी करीब 2,43,501 रुपये प्रति किलो यानी 2,435 रुपये प्रति 10 ग्राम थी। इससे रेशो करीब 63 बनता है, जो दोनों मेटल के बीच बैलेंस को दिखाता है।
गोल्ड-सिल्वर रेशो का फॉर्मूला
10 ग्राम सोने की कीमत ÷ 10 ग्राम चांदी की कीमत
1 अप्रैल 2026 के क्लोजिंग प्राइस के आधार पर रेशो
गोल्ड-सिल्वर रेशो 63.12 आता है, जो यह दिखाता है कि सोना और चांदी की वैल्यू इस समय बैलेंस स्थिति में है।
सोना = 1,53,708 रुपये प्रति 10 ग्राम
चांदी = 2,435.01 रुपये प्रति 10 ग्राम (यानी 2,43,501 रुपये प्रति किलो)
कैसे निकाला गया रेशो?
गोल्ड-सिल्वर रेशो = 1,53,708 ÷ 2,435.01 = 63.12
29 जनवरी 2026 के प्राइस के आधार पर
उस समय गोल्ड-सिल्वर रेशो 46.20 था, जो यह दर्शाता है कि उस समय चांदी सोने के मुकाबले ज्यादा महंगी थी।
सोना = 2,02,984 रुपये प्रति 10 ग्राम
चांदी = 4,39,337 रुपये प्रति किलो = 4,393.37 रुपये प्रति 10 ग्राम
कैसे निकाला गया रेशो
2,02,984 ÷ 4,393.37 = 46.20
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि मौजूदा स्तर पर निवेशकों को बैलेंस रणनीति अपनानी चाहिए। कुछ एक्सपर्ट के अनुसार अगर रेशो 70 के करीब पहुंचता है, तो सोने में निवेश का मौका बन सकता है। वहीं चांदी में निवेश धीरे-धीरे और गिरावट के समय करना बेहतर रहेगा।
एक्सपर्ट्स यह भी सुझाव देते हैं कि पोर्टफोलियो में करीब 60-65% हिस्सा सोने का और 35-40% हिस्सा चांदी का रखना एक बैलेंस रणनीति हो सकती है।
कब बदलें रणनीति?
अगर गोल्ड-सिल्वर रेशो 55-60 के बीच आ जाता है, तो निवेशकों को चांदी में मुनाफा बुक कर सोने में हिस्सेदारी बढ़ाने पर विचार करना चाहिए। यानी निवेश को समय-समय पर बदलते रहना जरूरी है।
किससे मिलेगा ज्यादा फायदा?
सोना आमतौर पर अनिश्चितता के समय सुरक्षित निवेश माना जाता है, जबकि चांदी इंडस्ट्रियल डिमांड और आर्थिक सुधार के समय बेहतर प्रदर्शन कर सकती है। इसलिए दोनों का अलग-अलग रोल होता है।