Income Tax Return Filing: इनकम टैक्स विभाग ने टैक्सपेयर्स के लिए एक अहम अपडेट जारी किया है। अब ITR-5 और ITR-7 फॉर्म ऑनलाइन फाइल करने की सर्विस उपलब्ध करा दी गई है। विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर बताया गया है कि ये फॉर्म पहले से भरे हुए डेटा (pre-filled data) के साथ मिलेंगे, जिससे टैक्सपेयर्स को रिटर्न फाइल करने में आसानी होगी। खास बात यह है कि ये दोनों फॉर्म आम टैक्सपेयर्स के लिए नहीं, बल्कि स्पेशल केटेगरी के टैक्सपेयर्स के लिए बनाए गए हैं।
जिन टैक्सपेयर्स पर टैक्स ऑडिट लागू होता है, उनके लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 अक्टूबर 2025 तय की गई है। वहीं, जिन टैक्सपेयर्स पर टैक्स ऑडिट जरूरी नहीं था, उनके लिए अंतिम तारीख 16 सितंबर 2025 थी, जो अब बीत चुकी है। यानी फिलहाल वही संस्थाएं या कंपनियां रिटर्न फाइल कर सकती हैं, जिन्हें ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी है।
ITR-5 फॉर्म किनके लिए है?
ITR-5 फॉर्म उन टैक्सपेयर्स के लिए है, जो न तो पर्सनल टैक्सपेयर्स (Individual) हैं और न ही हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) की केटेगरी में आते हैं। इस फॉर्म का इस्तेमाल कौन कर सकता है।
लिमिटेड लाइबिलिटी पार्टनरशिप (LLP)
एसोसिएशन ऑफ पर्सन्स (AOPs)
बॉडी ऑफ इंडिविजुअल्स (BOIs)
आर्टिफिशियल ज्यूरिडिकल पर्सन्स (AJP)
अगर इन संस्थाओं पर टैक्स ऑडिट लागू है, तो उन्हें पहले ऑडिट रिपोर्ट जमा करनी होगी और उसके बाद ही ITR फाइल कर पाएंगे।
ITR-7 फॉर्म किनके लिए है?
ITR-7 फॉर्म उन संगठनों और संस्थाओं के लिए है, जिन पर इनकम टैक्स कानून की विशेष धाराएं—139(4A), 139(4B), 139(4C), और 139(4D)—लागू होती हैं। इनमें ये शामिल हैं।
धार्मिक और चैरिटेबल ट्रस्ट
इन संगठनों की आय का कैलकुलेशन सामान्य टैक्सपेयर्स से अलग तरीके से होता है, इसलिए इनके लिए अलग फॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं।
ITR-5 और ITR-7 कैसे फाइल करें?
रिटर्न फाइल करने के लिए टैक्सपेयर्स को www.incometax.gov.in पर जाना होगा। यहां आधार नंबर और पासवर्ड से लॉगिन किया जा सकता है। लॉगिन के बाद e-File टैब पर जाकर Assessment Year चुनें और फिर अपनी केटेगरी के अनुसार फॉर्म का चयन करके रिटर्न फाइल करें।