ITR Filing 2026: ITR भरने में हो गई गलती? बिना किसी जुर्माने के मिलता है रिटर्न सुधारने का मौका, जानें पूरी डिटेल
Revise ITR Form 2026: अगर आपने गलती से गलत आईटीआर फॉर्म चुन लिया है, तो आपकी रिटर्न डिफेक्टिव या इनवैलिड घोषित हो सकती है। इससे न केवल आपका रिफंड अटक सकता है, बल्कि टैक्स विभाग का नोटिस भी आ सकता है। टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आपसे फॉर्म चुनने में कोई गलती हो गई है, तो आयकर विभाग के नोटिस का इंतजार करने के बजाय खुद ही उसे जल्द से जल्द सुधार लें
How Many Times Can We Revise ITR Form: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय सही फॉर्म का चुनाव करना सबसे जरूरी स्टेप है। अगर आपने गलती से गलत आईटीआर फॉर्म चुन लिया है, तो आपकी रिटर्न डिफेक्टिव या इनवैलिड घोषित हो सकती है। इससे न केवल आपका रिफंड अटक सकता है, बल्कि टैक्स विभाग का नोटिस भी आ सकता है।
टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आपसे फॉर्म चुनने में कोई गलती हो गई है, तो आयकर विभाग के नोटिस का इंतजार करने के बजाय खुद ही उसे जल्द से जल्द सुधार लें। आइए समझते हैं कि गलत फॉर्म को कैसे सुधारा जा सकता है, कितनी बार बदलाव की अनुमति है और बजट 2026 में समय-सीमा को लेकर क्या बड़ा बदलाव हुआ है।
क्या गलत आईटीआर फॉर्म को सुधारा जा सकता है?
हां, बिल्कुल सुधारा जा सकता है। अगर आपने अपनी ओरिजिनल रिटर्न फाइल और वेरिफाई कर दी है, तो आयकर अधिनियम की धारा 139(5) के तहत आप 'रिवाइज्ड रिटर्न' दाखिल करके अपनी गलती सुधार सकते हैं।
मुंबई के चार्टर्ड अकाउंटेंट प्रवीन काकड़े बताते हैं, 'कानूनन टैक्सपेयर्स रिवाइज्ड रिटर्न के जरिए अपना आईटीआर फॉर्म बदल सकते हैं। रिवाइज्ड रिटर्न पूरी तरह से ओरिजिनल रिटर्न की जगह ले लेती है। उदाहरण के लिए, अगर किसी को कैपिटल गेंस था जिसके लिए ITR-2 भरना था, लेकिन उसने गलती से ITR-1 भर दिया, तो वह सही फॉर्म चुनकर रिवाइज्ड रिटर्न भर सकता है।'
CA श्रेया गुप्ता गोयल के मुताबिक, अगर विभाग को पहले ही गलती का पता चल जाता है और वह धारा 139(9) के तहत डिफेक्टिव रिटर्न का नोटिस जारी कर देता है, तो आपको तय समय के भीतर उसका जवाब देना होगा। अगर आप नोटिस को नजरअंदाज करते हैं, तो मान लिया जाएगा कि आपने रिटर्न फाइल ही नहीं की थी।
कितनी बार रिवाइज कर सकते हैं अपना ITR?
इनकम टैक्स एक्ट में इस बात पर कोई पाबंदी नहीं है कि आप कितनी बार अपनी रिटर्न को रिवाइज कर सकते हैं। अगर आपको बार-बार अपनी गलतियों का पता चलता है, तो आप तय समय-सीमा के भीतर कितनी भी बार रिवाइज्ड आईटीआर फाइल कर सकते हैं।
वैसे भले ही रिवाइज करने की कोई लिमिट न हो, लेकिन सीए प्रवीन काकड़े सलाह देते हैं कि बार-बार रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने से बचना चाहिए। सभी सुधारों को एक ही बार में ठीक से चेक करके एक फाइनल रिवाइज्ड रिटर्न भरना बेहतर होता है, क्योंकि बार-बार रिवाइज करने से आपका केस टैक्स विभाग की नजरों में आ सकता है।
बजट 2026 में बढ़ गई डेडलाइन, लेकिन लगेगा जुर्माना!
बजट 2026 में रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की समय-सीमा को लेकर एक बहुत बड़ा बदलाव किया गया है, जिसे जानना बेहद जरूरी है:
विंडो को बढ़ाया गया: एसेसमेंट ईयर (AY 2026-27) के लिए रिवाइज्ड रिटर्न भरने की आखिरी तारीख को 31 दिसंबर से बढ़ाकर सीधे 31 मार्च 2027 कर दिया गया है। यानी अब आपको सुधार के लिए 3 महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा।
31 दिसंबर 2026 तक फ्री: अगर आप अपनी रिटर्न में कोई भी सुधार 31 दिसंबर 2026 या उससे पहले कर लेते हैं, तो आपको कोई अतिरिक्त फीस या पेनल्टी नहीं देनी होगी।
1 जनवरी के बाद ₹5000 की फीस: अगर आप इस बढ़ी हुई विंडो का फायदा उठाते हुए 1 जनवरी 2027 से 31 मार्च 2027 के बीच रिवाइज्ड आईटीआर भरते हैं, तो आपको ₹5000 की फीस देनी होगी। हालांकि, अगर आपकी कुल आय ₹5 लाख से कम है, तो यह फीस ₹1000 होगी।
गलती न सुधारने पर क्या होगा नुकसान?
अगर आप गलत फॉर्म को समय रहते नहीं सुधारते हैं, तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं:
अटक जाएगा रिफंड: फॉर्म गलत होने पर टैक्स रिफंड की प्रक्रिया रोक दी जाएगी।
लॉस कैरी फॉरवर्ड नहीं होगा: आप कैपिटल लॉस या बिजनेस लॉस को अगले सालों के लिए कैरी फॉरवर्ड नहीं कर पाएंगे।
ITR-U का आखिरी विकल्प: एक बार जब 31 मार्च की रिवाइज्ड विंडो भी बंद हो जाएगी, तो आपके पास केवल अपडेटेड रिटर्न (ITR-U) भरने का रास्ता बचेगा, जिसमें आपको भारी ब्याज के साथ अतिरिक्त पेनल्टी टैक्स भी चुकाना पड़ेगा।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।