ITR Filing 2026: जेब में आएगा पूरा पैसा, नहीं देना होगा ₹1 भी टैक्स; ये हैं भारत के 10 बड़े टैक्स फ्री इनकम सोर्स

ITR Exempt Income Sources: टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स फ्री इनकम की जानकारी देना बेहद जरूरी हो गया है। अब आईटीआर फाइलिंग यूटिलिटी में इसके लिए अलग से स्पेसिफिक कॉलम दिए गए हैं। अगर आप इन नियमों को नहीं जानते, तो आप टैक्स प्लानिंग का बड़ा मौका चूक सकते हैं या आईटीआर में गलती कर सकते हैं

अपडेटेड Jun 16, 2026 पर 5:17 PM
जानिए उन 10 बड़े इनकम सोर्स के बारे में, जिन पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता

Income Tax Return Exempt Income Rules: इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करते समय अक्सर लोग सिर्फ टैक्स छूट और रीबेट ढूंढने में लगे रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनकम टैक्स एक्ट के तहत कुछ ऐसी कमाई भी होती है, जिस पर सरकार ₹1 भी टैक्स नहीं लेती? इन्हें 'Exempt Income' या टैक्स फ्री इनकम कहा जाता है।

टैक्स एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एसेसमेंट ईयर 2026-27 के लिए टैक्स फ्री इनकम की जानकारी देना बेहद जरूरी हो गया है। अब आईटीआर फाइलिंग यूटिलिटी में इसके लिए अलग से स्पेसिफिक कॉलम दिए गए हैं। अगर आप इन नियमों को नहीं जानते, तो आप टैक्स प्लानिंग का बड़ा मौका चूक सकते हैं या आईटीआर में गलती कर सकते हैं।

आइए जानते हैं उन 10 बड़े इनकम सोर्स के बारे में, जिन पर आपको कोई टैक्स नहीं देना होता:


1. खेती से होने वाली कमाई (Agricultural Income)

भारत में अगर आपके पास खेती की जमीन है और आप उससे कमाई करते हैं, तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 10(1) के तहत वह पूरी तरह टैक्स फ्री है। इसमें खेती से होने वाला मुनाफा, फसल की बिक्री और खेती की जमीन से मिलने वाला किराया या रेवेन्यू शामिल है।

2. हिंदू अविभाजित परिवार(HUF) से मिला पैसा

अगर आप किसी हिंदू अविभाजित परिवार (HUF) के मेंबर हैं और आपको परिवार की कमाई में से कोई हिस्सा या पैसा मिलता है, तो उस पर सेक्शन 10(2) के तहत टैक्स नहीं लगता। ऐसा इसलिए क्योंकि HUF एक अलग टैक्स एंटिटी के रूप में पहले ही अपने हिस्से का टैक्स चुका चुका होता है।

3. पार्टनरशिप फर्म या LLP से मुनाफे का हिस्सा

अगर आप किसी पार्टनरशिप फर्म या लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप (LLP) में पार्टनर हैं, तो बिजनेस के प्रॉफिट में से मिलने वाला आपका हिस्सा सेक्शन 10(2A) के तहत टैक्स फ्री होता है। हालांकि, ध्यान रखें कि फर्म से मिलने वाले सैलरी या कैपिटल पर मिलने वाले ब्याज पर यह छूट नहीं मिलती।

4. रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट और वसीयत (Inheritance)

  • रिश्तेदारों से गिफ्ट: माता-पिता, पति/पत्नी या भाई-बहन जैसे खास रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट पर कोई टैक्स नहीं लगता, चाहे रकम कितनी भी बड़ी हो।
  • शादी पर मिले गिफ्ट: शादी के मौके पर दोस्तों या गैर-रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट्स भी पूरी तरह टैक्स फ्री होते हैं।
  • गैर-रिश्तेदार: आम दिनों में अगर किसी बाहरी व्यक्ति से सालभर में ₹50000 से ज्यादा का गिफ्ट मिलता है, तो वह पूरी तरह टैक्स के दायरे में आता है।
  • पैतृक संपत्ति: किसी व्यक्ति की मौत के बाद कानूनी वारिस को मिलने वाली वसीयत या पुश्तैनी संपत्ति पर कोई टैक्स नहीं देना होता।

5. पढ़ाई के लिए मिलने वाली स्कॉलरशिप

छात्रों को पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए मिलने वाली कोई भी स्कॉलरशिप पूरी तरह टैक्स फ्री होती है। सरकार ऐसा इसलिए करती है ताकि टैक्स की वजह से किसी की पढ़ाई में रुकावट न आए।

तैयार रखें रिटायरमेंट का प्लान; इन पर भी मिलेगी भारी छूट:

6. ग्रेच्युटी (Gratuity)

सरकारी कर्मचारी: रिटायरमेंट पर मिलने वाली पूरी ग्रेच्युटी राशि टैक्स फ्री होती है।

प्राइवेट कर्मचारी: प्राइवेट नौकरी करने वालों के लिए टैक्स छूट की एक तय सीमा है। पेमेंट ऑफ ग्रेच्युटी एक्ट के तहत मौजूदा समय में अधिकतम ₹20 लाख तक की ग्रेच्युटी पर कोई टैक्स नहीं लगता।

7. लीव एनकैशमेंट (Leave Encashment)

नौकरी के दौरान बची हुई छुट्टियों के बदले रिटायरमेंट के समय मिलने वाले पैसे पर सेक्शन 10(10AA) के तहत छूट मिलती है।

  • सरकारी कर्मचारी: पूरी रकम टैक्स फ्री है।
  • प्राइवेट कर्मचारी: इनके लिए लाइफटाइम लिमिट ₹25 लाख तय की गई है। हालांकि, अगर आप नौकरी के बीच में ही छुट्टियों को एनकैश कराते हैं, तो उस पर पूरा टैक्स देना होगा।

8. सरकारी स्कीमों पर मिलने वाला ब्याज (Tax-Free Interest)

सरकार की कुछ खास लंबी अवधि की बचत योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज और मैच्योरिटी का पैसा पूरी तरह टैक्स फ्री होता है। इनमें शामिल हैं:

  • पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF)
  • सुकन्या समृद्धि योजना (SSY)
  • एंप्लॉयीज प्रोविडेंट फंड (EPF) और वॉलंटरी प्रोविडेंट फंड (VPF) (नियमों के तहत)

यहां ये बात ध्यान देने वाली है कि अगर आप इन स्कीमों से समय से पहले पैसे निकालते हैं, तो टैक्स छूट का लाभ खत्म हो सकता है।

9. प्रोविडेंट फंड (PF) का पैसा निकालना

अगर आपने किसी मान्यता प्राप्त पीएफ अकाउंट जैसे- EPF में लगातार 5 साल तक नौकरी करने के बाद पैसा निकाला है, तो वह पूरी तरह टैक्स फ्री होगा। इसमें आपका योगदान, कंपनी का योगदान और ब्याज सब शामिल है। इसके अलावा, अगर कंपनी बंद होने या खराब तबीयत के कारण 5 साल से पहले नौकरी छूटती है, तो भी टैक्स में छूट मिलती है।

10. लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी की मैच्योरिटी (Section 10(10D))

लाइफ इंश्योरेंस पॉलिसी के मैच्योर होने पर मिलने वाला पैसा और बोनस सेक्शन 10(10D) के तहत टैक्स फ्री होता है, लेकिन इसके लिए कुछ शर्तें हैं:

पॉलिसी का सालाना प्रीमियम उसके सम एश्योर्ड के 10%, दिव्यांगों के लिए 15% से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

अगर यूलिप (ULIP) का सालाना प्रीमियम ₹2.5 लाख से ज्यादा है, या ट्रेडिशनल इंश्योरेंस पॉलिसी का कुल सालाना प्रीमियम ₹5 लाख से ऊपर है, तो मैच्योरिटी पर टैक्स लगेगा। हालांकि, पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर मिलने वाला डेथ बेनिफिट हमेशा पूरी तरह टैक्स फ्री रहता है।

ITR भरते समय रखें इन बातों का ध्यान

भले ही ये सभी 10 इनकम सोर्स पूरी तरह टैक्स फ्री हैं, लेकिन इनमें से ज्यादातर के साथ कुछ नियम, लिमिट और डॉक्यूमेंटेशन की शर्तें जुड़ी हुई हैं। टैक्स एक्सपर्ट्स की सलाह है कि आईटीआर दाखिल करते समय इन सभी जानकारियों को सही कॉलम में ही दिखाएं, ताकि भविष्य में इनकम टैक्स विभाग की तरफ से कोई नोटिस न आए।

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