Get App

ITR Filing: एसेसमेंट ईयर 2024-25 के आईटीआर फॉर्म्स में नया क्या-क्या जोड़ा गया है?

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट हर साल आईटीआर फॉर्म में कुछ नई जानकारियां जोड़ता है। ऐसा नियमों में बदलाव की वजह से होता है। इस बदलाव के बारे में टैक्सपेयर्स को बताया जाता है ताकि उन्हें रिटर्न फाइलिंग में किसी तरह की दिक्कत पेश नहीं आए

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 24, 2024 पर 5:48 PM
ITR Filing: एसेसमेंट ईयर 2024-25 के आईटीआर फॉर्म्स में नया क्या-क्या जोड़ा गया है?
अगर किसी टैक्सपेयर ने पॉलिटिकल पार्टी को डोनेशन दिया है तो उसे इसकी जानकारी नए शिड्यूल 80जीजीसी के तहत बतानी होती है।

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट हर साल आईटीआर फॉर्म्स में कुछ बदलाव करता है। कई बार फाइनेंस एक्ट के प्रस्ताव की वजह से यह बदलाव जरूरी हो जाता है। कई बार इनकम टैक्स डिपार्टमेंट टैक्सपेयर्स से कुछ खास जानकारी मांगता है, जिसके चलते उसे आईटीआर फॉर्म में बदलाव करना पड़ता है। इस बार भी इनकम टैक्स अथॉरिटीज ने फॉर्म्स में कुछ बदलाव किए हैं। आइए इनके बारे में विस्तार से जानते हैं।

नई रीजीम से पुरानी रीजीम में लौटने का विकल्प

जब से इनकम टैक्स की नई रीजीम (New Tax Regime) शुरू हुई है, इंडिविजुअल टैक्सपेयर्स के लिए नई और पुरानी रीजीम (Old Tax Regime) में से किसी एक का चुनाव करने का विकल्प रहता है। इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने वाले टैक्सपेयर को यह बताना जरूरी है कि वह नई और पुरानी रीजीम में से किसका इस्तेमाल करना चाहता है। आईटीआर 4 का इस्तेमाल करने वाला टैक्सपेयर अगर नई टैक्स रीजीम की जगह ओल्ड टैक्स रीजीम का इस्तेमाल करता है तो उसे फॉर्म 10-IEA फाइल करना पड़ता है। आईटीआर फॉर्म 1 और 4 में डिडक्शन क्लेम करने के लिए सेक्श 80सीसीएच के तहत एक नया कॉलम जोड़ा गया है।

सुगम फॉर्म में बदलाव

सब समाचार

+ और भी पढ़ें