Income Tax Return: आईटीआर फाइलिंग सीजन शुरू हो चुका है और कई टैक्सपेयर्स के मन में एक सवाल बार-बार आ रहा है। अगर माता-पिता, भाई-बहन या जीवनसाथी से पैसे मिले हैं, तो क्या उन्हें ITR में दिखाना जरूरी है? क्या ऐसा न करने पर इनकम टैक्स विभाग नोटिस भेज सकता है? दरअसल, इस साल ITR फॉर्म में हुए बदलाव के बाद यह भ्रम और बढ़ गया है। ऐसे में यह समझना जरूरी है कि रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट या पैसे पर टैक्स के नियम क्या कहते हैं।
रिश्तेदारों से मिला गिफ्ट आमतौर पर टैक्स फ्री
इनकम टैक्स कानून के अनुसार, माता-पिता, पति-पत्नी, भाई-बहन और कुछ अन्य करीबी रिश्तेदारों से मिला गिफ्ट आमतौर पर टैक्स के दायरे में नहीं आता। इसकी कोई अमाउंट लिमिट भी नहीं है। यानी यदि माता-पिता घर खरीदने के लिए बड़ी रकम देते हैं। भाई-बहन आर्थिक मदद करते हैं, तो उस रकम पर टैक्स नहीं लगता।
किन रिश्तेदारों से मिला पैसा टैक्स फ्री होता है?
इनकम टैक्स नियमों में कुछ रिश्तेदारों को स्पेसिफाइड रिलेटिव माना गया है। इनमें पति या पत्नी, माता-पिता, दादा-दादी, बच्चे, पोते-पोतियां, भाई-बहन, जीवनसाथी के भाई-बहन और माता-पिता के भाई-बहन शामिल हैं। इन रिश्तेदारों से मिला कोई भी गिफ्ट टैक्स मुक्त माना जाता है।
ITR फॉर्म में क्यों बढ़ा भ्रम?
पिछले सालों में टैक्सपेयर्स Other Exempt Income सेक्शन में कुछ गैर-कर योग्य आय की जानकारी दे सकते थे। लेकिन AY 2026-27 के नए ITR फॉर्म में रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट के लिए कोई अलग कॉलम नहीं दिया गया है। इसी वजह से कई लोगों को लग रहा है कि शायद अब इसकी रिपोर्टिंग जरूरी हो गई है या नियम बदल गए हैं।
क्या ITR में दिखाना जरूरी है?
फिलहाल ITR में ऐसा कोई अलग सेक्शन नहीं है जहां रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट को अनिवार्य रूप से दिखाना पड़े। इसकी वजह यह है कि ऐसे गिफ्ट किसी खास छूट के कारण टैक्स फ्री नहीं हैं, बल्कि कानून के अनुसार वह शुरुआत से ही टैक्ससेबल इनकम की केटेगरी में नहीं आते।
फिर भी डॉक्यूमेंट संभालकर रखना जरूरी
भले ही ऐसे गिफ्ट पर टैक्स नहीं लगता, लेकिन रिकॉर्ड रखना बेहद जरूरी है। अगर भविष्य में इनकम टैक्स विभाग किसी बड़े लेनदेन के बारे में पूछताछ करे, तो आपके पास गिफ्ट से जुड़े डॉक्यूमेंट होने चाहिए। इनमें गिफ्ट डीड, दाता और प्राप्तकर्ता की पहचान, रिश्ते का प्रमाण, बैंक ट्रांसफर की जानकारी से जुड़े डॉक्यूमेंट शामिल हो सकते हैं।
बड़े गिफ्ट मिलने पर क्या करें?
यदि आपको बड़ी रकम गिफ्ट के रूप में मिली है और उससे आपने घर, जमीन या अन्य बड़ी संपत्ति खरीदी है। भविष्य में किसी तरह की कर संबंधी परेशानी से बचा जा सकता है। जरूरत पड़ने पर बैलेंस शीट या अन्य संबंधित विवरण में ऐसी रकम का उल्लेख भी किया जा सकता है।
रिश्तेदारों से मिले गिफ्ट को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे गिफ्ट आमतौर पर टैक्स फ्री हैं और नए ITR फॉर्म में उनके लिए अलग रिपोर्टिंग कॉलम न होने का मतलब यह नहीं है कि वे टैक्स के दायरे में आ गए हैं। हालांकि, बड़े लेनदेन की स्थिति में मजबूत दस्तावेजी रिकॉर्ड रखना बेहद जरूरी है, ताकि जरूरत पड़ने पर रकम का सोर्स आसानी से साबित किया जा सके।