ITR: रिटर्न फाइल करने से पहले ये 5 बातें जरूर जान लें, नहीं तो आ सकता है इनकम टैक्स नोटिस

इनकम टैक्स डिपार्टमेंट अब रिटर्न की जांच के लिए एआई सहित कई नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने लगा है। ऐसे में छोटी गलती भी आसानी से पकड़ में आ रही है। इस वजह से नोटिस के मामले काफी बढ़े हैं। डिपार्टमेंट किसी तरह का संदेह होने पर सवाल पूछता है

अपडेटेड Jun 06, 2026 पर 1:52 PM
31 जुलाई तक रिटर्न भरना जरूरी है। इस तारीख के बाद रिटर्न भरने पर पेनाल्टी लगेगी।

इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख नजदीक आ रही है। 31 जुलाई तक रिटर्न भरना जरूरी है। इस तारीख के बाद रिटर्न भरने पर पेनाल्टी लगेगी। साथ ही टैक्सपेयर्स कई बेनेफिट्स से भी गंवा सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आप रिटर्न भरने के बारे में सोच रहे हैं तो पहले कुछ बातें जरूर जान लीजिए। अब रिटर्न की जांच के लिए डिपार्टमेंट एआई सहित कई नई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने लगा है। ऐसे में छोटी गलती भी आसानी से पकड़ में आ रही है।

10 लाख रुपये से ज्यादा का डिपॉजिट

अगर कोई व्यक्ति एक फाइनेंशियल ईयर में सेविंग्स अकाउंट्स में 10 लाख रुपये या इससे ज्यादा डिपॉजिट करता है तो इसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को जा सकती है। ऐसे में अगर रिटर्न में टैक्सपेयर की इनकम इस डिपॉजिट से मैच नहीं करती है तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट नोटिस इश्यू कर सकता है।


क्रेडिट कार्ड से हाई वैल्यू ट्रांजेक्शंस

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। क्रेडिट कार्ड के हर बड़े ट्रांजेक्शन की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास जाती है। अगर इनकम टैक्स रिटर्न में बताई गई आपकी इनकम आपके क्रेडिट कार्ड एक्सपेंडिचर से मैच नहीं करती है तो डिपार्टमेंट सवाल पूछ सकता है।

प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री की जानकारी

प्रॉपर्टी से जुड़े हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन की जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न में देना जरूरी है।

अगर टेक्सपेयर ने कोई जमीन बेची है या खरीदी है तो उसकी जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के पास जा सकती है। ऐसे में रिटर्न में ट्रांजेक्शन की जानकारी नहीं देने वाले टैक्सपेयर से डिपार्टमेंट कई तरह के सवाल पूछ सकता है।

म्यूचुअल फंड, शेयर और बॉन्ड में निवेश

कई लोग म्यूचुअल फंड की स्कीम, बॉन्ड्स और शेयरों में निवेश करते हैं। फाइनेंशियल इंस्टीट्यूशंस ऐसे ट्रांजेक्शंस की जानकारी इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को भेजते हैं। अगर टैक्सपेयर ऐसे किसी हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन की जानकारी रिटर्न में नहीं देता है तो डिपार्टमेंट नोटिस इश्यू कर सकता है।

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हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन का प्रूफ जरूर रखें

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई टैक्सपेयर हाई वैल्यू ट्रांजेक्शन करता है, प्रॉपर्टी खरीदता या बेचता है या क्रेडिट कार्ड से ज्यादा खर्च करता है तो यह गैरकानूनी नहीं है। उसे सिर्फ इस बात का ध्यान रखना है कि उसे इनकम टैक्स रिटर्न में ऐसी किसी जानकारी को छुपाने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। दूसरा, उसे हर ट्रांजेक्शन की डिटेल और प्रूफ अपने पास संभाल कर रखना चाहिए। इससे डिपार्टमेंट के सवाल पूछने पर वह बतौर सबूत उन्हें पेश कर सकता है।

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