Public Provident Fund: म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो भी आपको PPF में इनवेस्ट करना चाहिए, जानिए क्यों

Public Provident Fund: PPF निवेश का एक ऐसा ऑप्शन है, जो लंबी अवधि में बहुत अच्छा रिटर्न देता है। कई लोग तो अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग में पीपीएफ को अनिवार्य रूप से शामिल करते हैं। पीपीएफ के रिटर्न पर शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है। इसलिए इसमें निवेश करना सुरक्षित है

अपडेटेड Jun 06, 2026 पर 12:52 PM
टैक्स के लिहाज से यह स्कीम बेमिसाल है। यह स्कीम एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट (EEE) कैटेगरी में आती है।

Public Provident Fund: कई लोग सिर्फ सेविंग्स और इनवेस्टमेंट के लिए लिए सिर्फ म्यूचुअल फंड की स्कीम में निवेश करते हैं। खासकर कम उम्र के लोगों में यह ट्रेंड देखने को मिलता है। लेकिन, शेयर बाजार में आई गिरावट के बाद कई इनवेस्टर्स अब फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट्स में भी निवेश के बारे में सोचने लगे हैं। अगर आप भी सिर्फ म्यूचुअल फंड में निवेश करते हैं तो आपको अपनी इनवेस्टमेंट स्ट्रेटेजी में थोड़ा बदलाव करने की जरूरत है। आपको कुछ पैसा पब्लिक प्रोविडेंट फंड यानी पीपीएफ में भी इनवेस्ट करना चाहिए।

रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं

PPF निवेश का एक ऐसा ऑप्शन है, जो लंबी अवधि में बहुत अच्छा रिटर्न देता है। कई लोग तो अपनी रिटायरमेंट प्लानिंग में पीपीएफ को अनिवार्य रूप से शामिल करते हैं। पीपीएफ के रिटर्न पर शेयर बाजार में होने वाले उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता है। इसलिए इसमें निवेश करना सुरक्षित है। सरकार की स्कीम होने की वजह से इस पर भरोसा और बढ़ जाता है। पीपीएफ में निवेश से लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार हो जाता है, जो बच्चों की पढ़ाई, शादी-विवाह या रिटायरमेंट के बाद काफी काम आता है।

सिर्फ 500 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है


इस स्कीम की एक खास बात यह है कि इसमें सिर्फ 500 रुपये से निवेश शुरू किया जा सकता है। एक वित्त वर्ष में आप इस स्कीम में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। यह स्कीम 15 साल में मैच्योर होती है। लेकिन, 7 साल पूरा होने के बाद इनवेस्टर को पैसे निकालने की इजाजत है। चूंकि इस स्कीम का इंटरेस्ट रेट काफी अट्रैक्टिव है, जिससे कई लोग मैच्योरिटी के बाद इस स्कीम को एक्सटेंड करना चाहते हैं। पीपीएफ का नियम मैच्योरिटी के बाद 5 साल तक अकाउंट एक्सटेंड करने की इजाजत देता है।

हर महीने निवेश करने की कोई मजबूरी नहीं

पीपीएफ को जो चीज सबसे खास बनाती है, वह है इसका इंटरेस्ट रेट। इस स्कीम का इंटरेस्ट रेट सालाना 7.1 फीसदी है। निवेशक को हर महीने एक फिक्स्ड अमाउंट निवेश करने की मजबूरी भी नहीं है। आपके पास जब सरप्लस पैसा हो आप इस स्कीम में निवेश कर सकते हैं। इस वजह से इस स्कीम में ऐसे लोग भी इनवेस्ट कर सकते हैं, जिनकी नियमित इनकम नहीं है। हालांकि, एक वित्त वर्ष में कम से कम 500 रुपये निवेश करना जरूरी है।

टैक्स के लिहाज से यह स्कीम बेमिसाल

एक्सपर्ट्स का कहना है कि टैक्स के लिहाज से यह स्कीम बेमिसाल है। यह स्कीम एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट (EEE) कैटेगरी में आती है। इसका मतलब है कि इस स्कीम में आपके कंट्रिब्यूशन पर कोई टैक्स नहीं लगता है। स्कीम में जमा पैसे पर जो इंटरेस्ट मिलता है, उस पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। आखिर में 15 साल बाद मैच्योरिटी अमाउंट पर किसी तरह का टैक्स नहीं लगता है। इस वजह से इस स्कीम का रियल रिटर्न काफी ज्यादा होता है। इस स्कीम में निवेश पर सेक्शन 80सी के तहत डिडक्शन भी मिलता है। अगर आप इनकम टैक्स की पुरानी रीजीम का इस्तेमाल करते हैं तो आप इस डिडक्शन का फायदा उठा सकते हैं।

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ऐसे समझें निवेश पर कितना मिलेगा रिटर्न

इस स्कीम में अगर आप हर महीने 5000 रुपये इनवेस्ट करते हैं तो आपका सालाना निवेश 60000 रुपये होगा। 15 साल में आप कुल 9,00,000 रुपये निवेश करेंगे। अकाउंट मैच्योर होने पर अपने निवेश पर आपको 16,27,284 रुपये मिलेंगे। इसका मतलब है कि आपको निवेश पर 7,27,284 रुपये का इंटरेस्ट मिलेगा, जो पूरी तरह से टैक्स फ्री होगा। अगर आप हर महीने 10000 रुपये इनवेस्ट करते हैं तो आप 15 साल में कुल 18,00,00 रुपये इनवेस्ट करेंगे। मैच्योरिटी पर आपको 32,54,567 रुपये मिलेंगे। यह पैसा बिल्कुल टैक्स-फ्री होगा।

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