महाराष्ट्र की लाखों महिलाएं मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहीण योजना की अगली किस्त के लिए बेचैन हैं। कई लाभार्थियों ने दिसंबर 2025 तक e-KYC पूरा कर लिया, फिर भी उन्हें दिसंबर वाली राशि नहीं मिली। जनवरी 2026 शुरू हो चुका है, लेकिन सरकार की ओर से किस्त की तारीख का ऐलान नहीं हुआ। महिलाएं परेशान हैं कि आखिर देरी क्यों हो रही है और कब खाते में 1500 रुपये आएंगे।
e-KYC अनिवार्य, लेकिन किस्तें लटकी हुईं
महाराष्ट्र सरकार ने योजना के तहत केवल पात्र महिलाओं को लाभ देने के लिए e-KYC को अनिवार्य कर दिया। महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक अदिति टटकरे ने खुद सोशल मीडिया पर अपील की थी कि 31 दिसंबर 2025 तक e-KYC पूरा करें, वरना लाभ रुक जाएगा। पोर्टल https://ladakibahin.maharashtra.gov.in पर ये प्रक्रिया आसान है, लेकिन पूरा करने के बावजूद कई महिलाओं को दिसंबर की किस्त नहीं मिली। अफसरों का कहना है कि वेरिफिकेशन प्रक्रिया चल रही है।
कब आएगी जनवरी वाली किस्त?
सरकार ने अभी आधिकारिक तारीख नहीं बताई है। कुछ खबरें कहती हैं कि बीएमसी चुनाव (15 जनवरी 2026) के बाद किस्त जारी हो सकती है। लोकल रिपोर्ट्स में ये भी अटकलें हैं कि दिसंबर-जनवरी की दो किस्तें (कुल 3000 रुपये) मकर संक्रांति (14 जनवरी) के आसपास एक साथ डाल दी जाएंगी। हालांकि, सीएम ऑफिस या विभाग की कोई पुष्टि नहीं है। इससे महिलाओं में उत्साह तो है, लेकिन अनिश्चितता भी हैं। नवंबर की किस्त जनवरी के पहले हफ्ते में जारी हुई थी।
योजना की मुख्य बातें और पात्रता
21 से 65 साल की महाराष्ट्र निवासी महिलाओं को हर महीने 1500 रुपये डीबीटी से मिलते हैं। इसमें शादीशुदा, विधवा, तलाकशुदा या परिवार की एक अविवाहित बेटी शामिल है। परिवार की सालाना आय 2.5 लाख से कम होनी चाहिए। बैंक अकाउंट आधार से लिंक, कोई चार पहिया गाड़ी न हो, परिवार में टैक्सपेयर या सरकारी कर्मचारी न हों। जरूरी दस्तावेज जैसे आधार, राशन कार्ड, वोटर आईडी, आय प्रमाण पत्र हैं। पीले-नारंगी राशन कार्ड वालों को आय प्रमाण की जरूरत नहीं है।
अब तक सरकार ने जनवरी 2026 की किस्त जारी करने की कोई आधिकारिक तारीख घोषित नहीं की है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से भी कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। इससे लाभार्थियों में असमंजस और बढ़ गया है। ‘माझी लाडकी बहीण योजना’ महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। लेकिन किस्तों में देरी से योजना की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। लाभार्थियों की उम्मीद है कि सरकार जल्द ही भुगतान की तारीख स्पष्ट करेगी और उनकी आर्थिक चिंता दूर करेगी।