जियो और ब्लैकरॉक की पार्टनरशिप ने फंड मैनेजमेंट की दुनिया में अपना पहला कदम मजबूती से रखा है। उनके तीन कैश फंड्स NFO को रिकॉर्ड रिस्पॉन्स मिला है। एनएफओ के जरिए सिर्फ कुछ दिनों में 17,877 करोड़ रुपये जुटाने में सफलता मिली। रिकॉर्ड तोड़ रिटेल भागीदारी, डिजिटल पहुंच और ब्रांड भरोसे ने इसे ऐतिहासिक बना दिया।
3 स्कीम्स (ओवरनाइट, लिक्विड , मनी मार्केट) के जरिए जियो ब्लैकरॉक ने कुल 17,876।75 करोड़ जुटाए हैं। ये अब तक के सबसे बड़े कैश फंड NFOs में से एक है।
ब्रांड और टेक्नोलॉजी की ताकत
ब्लैकरॉक की ग्लोबल इन्वेस्टमेंट एक्सपर्टीज और Jio की डिजिटल पहुंच का मेल पहली बार हुआ। Aladdin जैसे टूल्स और माय जियो और जियो फाइनेंस ऐप्स ने निवेश को बेहद आसान और भरोसेमंद बनाया।
लगभग 77,000 रिटेल फोलियो की हिस्सेदारी, जो 2023 में Bajaj के लिए 1479 रिटेल फोलियो से कई गुना ज्यादा है। इससे साफ है कि लोग अब सेविंग अकाउंट्स के बजाय कैश फंड्स में पैसा लगाने लगे हैं।
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर बना गेंमचेंजर
50,000 से ज्यादा इन्वेस्टमेंट जियो फाइनेंस ऐप से और 68,000 से ज्यादा डिजिटल ट्रांजैक्शन के साथ ये कैश/डेट फंड कैटेगरी में एक नया बेंचमार्क बन गया है।
इंस्टीट्यूशनल सपोर्ट भी मजबूत
90 से ज्यादा संस्थागत निवेशकों की भागीदारी ने जियो ब्लैकरॉक के वैल्यू प्रपोजिशन को मजबूत समर्थन दिया। इससे कॉर्पोरेट ट्रस्ट और लंबी अवधि की स्केलेबिलिटी साबित हुई।
टिकट साइज और निवेश प्रोफाइल
रिटेल में औसतन टिकट साइज 8,528 रुपये (ओवरनाइट फंड), 10,959 रुपये (लिक्विड) और 10,429 रुपये (मनी मार्केट) रहा। रिटेल बनाम HNI फोलियो का अनुपात 97:3 है, यानी फोकस आम निवेशक पर रहा।
जियोब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ सिद स्वामीनाथन ने कहा, "हमारे पहले एनएफओ को इंस्टीट्यूशनल और आम निवेशकों से शानदार प्रतिक्रिया मिली है। इससे पता चलता है कि निवेशक जियो ब्लैकरॉक एसेट मैनेजमेंट की नई सोच, मजबूत जोखिम प्रबंधन और डिजिटल तरीके पर भरोसा करते हैं। यह हमारे लिए एक बेहतरीन शुरुआत है, जिससे हम भारत में हर तरह के निवेशकों के लिए निवेश को आसान और बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।"
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।