सोने में चल रही गिरावट के बीच जेपी मॉर्गन ने उम्मीद जताई है कि साल के आखिर तक सोने की कीमतें 6300 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच जाएंगी। सेंट्रल बैंकों और निवेशकों की ओर से डिमांड के चलते ऐसा होगा। ग्लोबल मार्केट में सोना गिरकर 4677.17 डॉलर प्रति औंस पर आ गया है। सेशन की शुरुआत में यह 5% से ज्यादा लुढ़क गया था। सोना अब तक 5594.82 डॉलर प्रति औंस का पीक देख चुका है।
रॉयटर्स के मुताबिक, ब्रोकरेज ने एक नोट में कहा, "हम मीडियम-टर्म में सोने को लेकर पूरी तरह से बुलिश हैं। एक साफ, स्ट्रक्चरल, लगातार डायवर्सिफिकेशन का ट्रेंड जारी है। यह अभी भी रियल एसेट के मुकाबले पेपर एसेट के बेहतर प्रदर्शन के मजबूत माहौल के बीच और आगे बढ़ेगा।" जेपी मॉर्गन का अनुमान है कि 2026 में सेंट्रल-बैंक की ओर से सोने की खरीद 800 टन रह सकती है। इसका कारण रिजर्व डाइवर्सिफिकेशन का लगातार, बिना खत्म हुआ ट्रेंड है।
इस बीच चांदी में लगातार तेजी के कारणों का पता लगाना और उन्हें मापना मुश्किल हो गया है। इसके कारण जेपी मॉर्गन ज्यादा सतर्क हो गया है। वैश्विक बाजार में स्पॉट सिल्वर 6% से ज्यादा गिरकर 78.90 डॉलर प्रति औंस पर आ गई है। गुरुवार को यह 121.64 डॉलर प्रति औंस के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गई थी। ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि चांदी के मामले में केंद्रीय बैंकों की ओर से खरीद लगातार जारी नहीं रहती है। इसलिए आने वाले हफ्तों में सोने-चांदी के अनुपात में और बढ़ोतरी यानि कि सोने के मुकाबले चांदी के कमजोर पड़ने का जोखिम बना हुआ है। जेपी मॉर्गन ने कहा, "हम अभी भी चांदी के लिए औसतन एक हायर फ्लोर लगभग 75-80 डॉलर प्रति औंस देखते हैं। यह हमारी पिछली उम्मीदों से ज्यादा है।
भारत में सोने-चांदी की चाल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 2 फरवरी को सोने में गिरावट बरकरार है। अप्रैल में डिलीवरी वाले गोल्ड कॉन्ट्रैक्ट्स का वायदा भाव दिन में पिछले बंद भाव से 7 प्रतिशत तक टूटकर 137065 रुपये प्रति 10 ग्राम के लो तक गया। इसी तरह मार्च में डिलीवरी वाले सिल्वर कॉन्ट्रैक्ट्स का वायदा भाव 15 प्रतिशत तक गिरकर 225805 रुपये प्रति किलोग्राम के लो तक गया।