केरल हाईकोर्ट ने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल को लेकर बच्चों की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी के बारे में हाल में एक बड़ा फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने एक फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली एक रिवीजन पिटीशन को खारिज किया। यह रिवीजन पिटीशन गल्फ में रहने वाले एक व्यक्ति ने फाइल की थी। फैमिली कोर्ट ने बेटे को अपनी मां को हर महीने गुजारे के लिए 5,000 रुपये देने का आदेश दिया था।
