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पति की मदद के बावजूद मां गुजारा भत्ता बेटे से पाने की हकदार, केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

इस मामले में 60 साल की मां ने खाड़ी में नौकरी करने वाले अपने बेटे से हर महीने 25,000 रुपये की मांग को लेकर फैमिली कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने कोर्ट को बताया था कि उनकी कोई रेगुलर इनकम नहीं है। वह जरूरी खर्च के लिए दूसरों पर निर्भर हैं

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Dec 19, 2025 पर 7:45 PM
पति की मदद के बावजूद मां गुजारा भत्ता बेटे से पाने की हकदार, केरल हाईकोर्ट का बड़ा फैसला
फैमिली कोर्ट ने सबूतों की जांच के बाद हर महीने 5,000 रुपये गुजारा खर्च के रूप में देने का आदेश बेटे को दिया था।

केरल हाईकोर्ट ने बुजुर्ग माता-पिता की देखभाल को लेकर बच्चों की नैतिक और कानूनी जिम्मेदारी के बारे में हाल में एक बड़ा फैसला दिया है। हाईकोर्ट ने एक फैमिली कोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली एक रिवीजन पिटीशन को खारिज किया। यह रिवीजन पिटीशन गल्फ में रहने वाले एक व्यक्ति ने फाइल की थी। फैमिली कोर्ट ने बेटे को अपनी मां को हर महीने गुजारे के लिए 5,000 रुपये देने का आदेश दिया था।

मां ने फैमिली कोर्ट में याचिका दाखिल की थी

इस मामले में 60 साल की मां ने खाड़ी में नौकरी करने वाले अपने बेटे से हर महीने 25,000 रुपये की मांग को लेकर फैमिली कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने कोर्ट को बताया था कि उनकी कोई रेगुलर इनकम नहीं है। वह जरूरी खर्च के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। हालांकि, उनके पति जीवित हैं।

बेटे ने मां के दावे के विरोध में कई दलील पेश की

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