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सोने में निवेश रोकने की नहीं करें भूल, कोटक म्यूचुअल फंड ने बताई इसकी वजह

सोने की चमक 2026 में फीकी पड़ गई है। यह जनवरी के अपने ऑल-टाइम हाई से काफी गिरा है। इससे कई इनवेस्टर्स सोने में निवेश जारी रखने को लेकर दुविधा में हैं। कोटक म्यूचुअल फंड ने कहा है कि सोने को पोर्टफोलियो का हिस्सा बनाना जरूरी है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Sep 11, 2026 पर 4:17 PM
सोने में निवेश रोकने की नहीं करें भूल, कोटक म्यूचुअल फंड ने बताई इसकी वजह
सोने का रिटर्न 2025 में 63 फीसदी रहने का मतलब यह नहीं है कि आगे भी उसका रिटर्न इतना रहेगा।

सोने ने 2026 में निवेशकों को 63 फीसदी रिटर्न दिया था। लेकिन, इस साल सोने की चाल सुस्त पड़ गई है। इस साल अगस्त तक सोने का रिटर्न सिर्फ 2 फीसदी है। इससे इनवेस्टर्स निराश हैं। लेकिन, कोटक महिंद्रा म्यूचुअल फंड का कहना है कि इसके बावजूद पोर्टफोलियो में गोल्ड को शामिल करना जरूरी है। उसने सितंबर 2026 एसेट ऐलोकेशन आउटलुक में इस बारे में बताया है।

कोटक का इक्विटी पर न्यूट्रल रुख

कोटक ने शेयरों पर अपना रुख न्यूट्रल रखा है। म्यूचुअल फंड हाउस का यह भी मानना है कि आगे सोने में 2026 जैसी तेजी लौटने को लेकर संशय है। जहां तक निवेशकों की बात है तो कोटक की रिपोर्ट का मतलब यह नहीं है कि सोना शेयर की जगह ले लेगा। इसका मतलब सिर्फ यह है कि एसेट ऐलोकेशन में इक्विटी और डेट के साथ सोने की भी जगह है।

मल्टी एसेट पोर्टफोलियो का फायदा

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