L&T Mutual Fund और इसके चार अधिकारियों ने एक पुराने मामले के निपटारे के लिए SEBI को 1.15 करोड़ रुपये चुकाए हैं। इनमें म्यूचुअल फंड कंपनी के पूर्व सीईओ कैलाश कुलकर्णी भी शामिल हैं। यह मामला सिक्योरिटीज के इंटर-स्कीम ट्रांसफर में नियमों के कथित उल्लंघन से जुड़ा है। सेबी ने इस बारे में एक सेटलमेंट ऑर्डर 17 फरवरी को जारी किया है। इसमें कहा गया है कि 1 अप्रैल, 2017 से 30 जून, 2018 के दौरान एलएंडटी म्यूचुअल फंड में सिक्योरिटीज के इंटर-स्कीम ट्रांसफर की जांच की गई। इसमें यह पाया गया कि फंड हाउस इस मामले में हितों के टकराव से बचने में नाकाम रहा। साथ ही उसने इस मामले में यूनिटहोल्डर्स के हितों को भी सर्वोपरी नहीं रखा। HSBC Mutual Fund ने एलएंडटी म्यूचुअल फंड के ऑपरेशंस का अधिग्रहण पिछले साल कर लिया था।
सेबी ने कहा है, "... (L&T इनवेस्टमेंट मैनेजर्स) ऑफर डॉक्युमेंट्स में बताए गए इनवेस्टमेंट ऑब्जेक्टिव के मुताबिक बिजनेस और इनवेस्टमेंट करने और सिर्फ यूनिटहोल्डर्स के हित में इनवेस्टमेंट के फैसले करने में नाकाम रहे। वे इंडिपेंडेंट प्रोफेशनल जजमेंट लेने, सर्विस के हाई स्टैंडर्डर्स का पालन करने, ड्यू डिलिजेंस और प्रॉपर केयर लेने में भी असफल रहे।"
मामले का निपटारा चाहते थे पूर्व अधिकारी
एलएंडटी इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट और कुलकर्णी के अलावा श्रीराम रामनाथन, विकास गर्ग और जलपान शाह ने सेबी की जांच के नतीजों को स्वीकार या खारिज किए बगैर उनके खिलाफ चल रहे मामले के निपटारे का प्रस्ताव दिया था। रामनाथन फिक्स्ड इनकम इनवेस्टमेंट के हेड थे। गर्ग और शाह फिक्स्ड इनकम के पोर्टफोलियो मैनेजर्स थे।
एलएंडटी इनवेस्टमेंट मैनेजमेंट ने 57.03 रुपये सेटलमेंट चार्ज चुकाया। बाकी अधिकारियों में से प्रत्येक ने 14.63 लाख रुपये पेमेंट किए। उन्होंने सेटलमेंट अमाउंट चुकाने की जानकारी सेबी को ईमेल के जरिए दी। ये ईमेल 9-10 फरवरी, 2023 को भेजे गए। सेबी ने अपने आदेश में कहा है कि AMC के अधिकारी म्चूचुअल फंड के कामकाज को म्यूचुअल फंड रेगुलेशंस के हिसाब से करने में विफल रहे। उनकी तरफ से किए गए इनवेस्टमेंट भी यूनिटहोल्डर्स के हित में नहीं थे।
HSBC MF ने किया था एलएंटी एमएफ का अधिग्रहण
HSBC Mutual Fund ने पिछले साल नवंबर में एलएंडटी म्यूचुअल फंड के ऑपरेशंस का अधिग्रहण कर लिया था। एलएंडटी की सभी स्कीमें एचएसबीसी म्यूचुअल फंड की हो गई हैं। इस अधिग्रहण के बाद एचएसबीसी म्यूचुअल फंड देश का 14वां सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड हाउस बन गया है।