Loan vs Investment: निवेश रोककर पहले लोन खत्म करना चाहिए? जानिए क्या कहता है कैलकुलेशन

Loan vs Investment: लोन जल्दी चुकाना हमेशा सही फैसला नहीं होता। कई बार निवेश जारी रखना ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकता है। आखिर कब कर्ज खत्म करना बेहतर है और कब निवेश को प्राथमिकता देनी चाहिए? कैलकुलेशन से समझिए पूरी तस्वीर।

अपडेटेड Jun 11, 2026 पर 2:59 PM
क्रेडिट कार्ड का ब्याज कई बार 30% से 45% सालाना तक पहुंच जाता है। ऐसा कर्ज जितनी जल्दी खत्म हो जाए, उतना बेहतर है।

Loan vs Investment: कई लोग जैसे ही निवेश शुरू करते हैं, उन्हें एक सलाह अक्सर सुनने को मिलती है - 'पहले सारे लोन खत्म करो, फिर निवेश करना।' सुनने में यह सलाह अच्छी भी लगती है, लेकिन हर स्थिति में सही नहीं होती। कई बार निवेश रोककर लोन चुकाना फायदे का सौदा होता है। लेकिन, कई बार यह आपको लंबे समय में बड़ी संपत्ति बनाने के मौके से दूर कर सकता है।

असल सवाल यह नहीं है कि आपने लोन ले रखा है या नहीं। असली सवाल यह है कि आपके लोन की ब्याज दर कितनी है और आपका निवेश कितना रिटर्न दे सकता है।

पहले एक आसान उदाहरण समझिए


अब मान लीजिए आपके ऊपर 10 लाख रुपये का पर्सनल लोन है, जिस पर 14% सालाना ब्याज लग रहा है। दूसरी तरफ, आप म्यूचुअल फंड में निवेश करके लंबे समय में औसतन 12% रिटर्न की उम्मीद कर रहे हैं। इस स्थिति में लोन का ब्याज (14%) आपके संभावित निवेश रिटर्न (12%) से ज्यादा है।

अगर आप 1 लाख रुपये निवेश करने की बजाय लोन कम करते हैं, तो आप 14% का लगभग तय फायदा कमा रहे हैं। वहीं, निवेश में 12% सिर्फ एक अनुमान है, उसकी कोई गारंटी नहीं है। यानी इस मामले में पहले लोन चुकाना ज्यादा समझदारी वाला फैसला हो सकता है।

हर लोन के लिए ये नियम नहीं

लेकिन, हर लोन को पहले खत्म करना समझदारी नहीं। अब मान लीजिए आपके पास हर महीने 10,000 रुपये अतिरिक्त हैं। अब आप सोच रहे हैं कि इस पैसे से होम लोन जल्दी खत्म करें या निवेश करें। अगर आप यह 10,000 रुपये हर महीने होम लोन की प्रीपेमेंट में लगाते हैं, तो आपका कर्ज जल्दी खत्म होगा और आप 8.5% ब्याज बचा लेंगे। यानी इस फैसले से आपको लगभग 8.5% के बराबर फायदा मिलेगा।

लेकिन अगर यही 10,000 रुपये हर महीने किसी अच्छे इक्विटी म्यूचुअल फंड में निवेश किए जाएं। वहां से औसतन 12% सालाना रिटर्न मिले, तो 20 साल बाद यह रकम करीब 1 करोड़ रुपये बन सकती है। यानी एक तरफ आप 8.5% ब्याज बचा रहे हैं, जबकि दूसरी तरफ 12% रिटर्न कमाने की संभावना है। दोनों के बीच करीब 3.5% का अंतर है। यह लोन जल्दी खत्म करने के बजाय निवेश करना ज्यादा सेंस बनाता है।

किन लोन को पहले खत्म करना चाहिए?

क्रेडिट कार्ड का बकाया : क्रेडिट कार्ड का ब्याज कई बार 30% से 45% सालाना तक पहुंच जाता है। ऐसा कर्ज जितनी जल्दी खत्म हो जाए, उतना बेहतर है।

पर्सनल लोन : पर्सनल लोन पर आमतौर पर 10% से 18% या उससे ज्यादा ब्याज लगता है। ज्यादातर मामलों में इसे जल्दी चुकाना समझदारी माना जाता है।

कार लोन : अगर कार लोन पर ब्याज दर ज्यादा है, तो अतिरिक्त भुगतान करके इसे जल्दी खत्म करने पर विचार किया जा सकता है।

होम लोन : होम लोन पर ब्याज कम होता है और टैक्स छूट का फायदा भी मिलता है। इसलिए इसे लेकर फैसला बाकी लोन की तुलना में अलग हो सकता है।

सबसे अच्छा तरीका क्या हो सकता है?

कई फाइनेंशियल एडवाइज बीच का रास्ता अपनाने की सलाह देते हैं। मान लीजिए आपके पास हर महीने 20,000 रुपये अतिरिक्त बचते हैं। पूरे 20,000 रुपये लोन में डालने या पूरे 20,000 रुपये निवेश करने की बजाय आप 10,000 रुपये निवेश कर सकते हैं और 10,000 रुपये लोन के प्रीपेमेंट में लगा सकते हैं।

इससे एक तरफ आपकी संपत्ति बनती रहती है और दूसरी तरफ आपका कर्ज भी लगातार कम होता रहता है।

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