आज 1 जून से LPG सिलेंडर और महंगा हो गया है। हालांकि यह बढ़ोतरी 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल LPG सिलेंडर तक ही सीमित है। न्यूज एजेंसी एएनआई के मुताबिक सूत्रों का कहना है कि दाम 53.50 रुपये तक बढ़ा है और नए रेट 1 जून 2026 से लागू हो गए हैं। दिल्ली में कीमत में 42 रुपये का इजाफा हुआ है, जिसके बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत 3113.50 रुपये हो गई है।
कोलकाता में 53.50 रुपये की बढ़ोतरी के बाद यह सिलेंडर 3255.50 रुपये का हो गया है। एएनआई के मुताबिक, 5 किलोग्राम के एफटीएल (फ्री ट्रेड एलपीजी) सिलेंडर की कीमतों में 11 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। दिल्ली में इसकी कीमत अब 821.50 रुपये होगी। इससे पहले 1 मई को कमर्शियल सिलेंडर की कीमत दिल्ली में 993 रुपये, कोलकाता में 998.5 रुपये, मुंबई में 993 रुपये और चेन्नई में 990.50 रुपये बढ़ी थी।
घरेलू LPG सिलेंडर नहीं हुआ और महंगा
14.2 kg के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। इसकी कीमत में आखिरी बार बदलाव 7 मार्च 2026 को हुआ था। दाम 60 रुपये बढ़ा था। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की वेबसाइट के अनुसार, बिना सब्सिडी वाले 14.2 kg के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत वर्तमान में दिल्ली में 913 रुपये है। मुंबई में कीमत 912.50 रुपये, कोलकाता में 939 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये है। लोकल सेल्स टैक्स या VAT के आधार पर रेट अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग होते हैं।
'देश में पेट्रोल, डीजल, LPG और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार'
शुक्रवार, 29 मई को पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सरकार रणनीतिक भंडारों के जरिए ईंधन सुरक्षा को मजबूत करने और बिना किसी रुकावट के आपूर्ति सुनिश्चित करने पर काम कर रही है। साथ ही जमाखोरी के खिलाफ भी कदम उठाए जा रहे हैं। एक अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान शर्मा ने कहा कि सरकार ने ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) से कहा है कि वे यह सुनिश्चित करें कि उनके पास LPG का न्यूनतम 30 दिनों का भंडार हो। कंपनियां इस पर काम कर रही हैं। इसी तरह, कच्चे तेल के लिए भी काम किया जा रहा है।
उन्होंने भरोसा दिलाया कि फिलहाल किसी भी चीज की कोई कमी नहीं है। शर्मा ने कहा, "हमारे पास पेट्रोल, डीजल, LPG और प्राकृतिक गैस का पर्याप्त भंडार है, और फलों की इन्वेंट्री भी पूरी तरह से व्यवस्थित है। हमारी सभी रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही हैं और LPG का उत्पादन अब तक के सबसे ऊंचे स्तर पर है, जो लगभग 90 DMT प्रतिदिन है। LPG वितरक केंद्रों पर 'ड्राई आउट' (पूरी तरह से स्टॉक खत्म होने) की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है। लेकिन खुदरा बिक्री केंद्रों (रिटेल आउटलेट्स) पर यह देखा जा रहा है कि कई जगहों पर बिक्री असामान्य रूप से ज्यादा हो रही है। इसका कुछ कारण कृषि क्षेत्र से आने वाली मांग है, तो कुछ कारण थोक बिक्री (बल्क सेल) है। कुल मिलाकर 30% से ज्यादा की वृद्धि देखी जा रही है। 14 जिलों में पेट्रोल की बिक्री में 100% से ज्यादा की वृद्धि दर्ज की गई है, जबकि 6 जिलों में OMC की बिक्री में 38% की गिरावट आई है।"