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Magic of Compounding: क्यों 1 करोड़ 6 साल में 2 करोड़ होता है, लेकिन 9 करोड़ सिर्फ एक साल में 10 करोड़ हो जाता है?

इनवेस्टमेंट से बड़ा फंड तब तैयार होता है, जब हम इनवेस्टमेंट को बढ़ने के लिए पर्याप्त समय देते हैं। इसमें मैजिक ऑफ कंपाउंडिंग का बड़ा रोल होता है। इसमें शुरुआत में आपका पैसा धीरे-धीरे बढ़ता है, लेकिन कुछ समय बाद उसकी रफ्तार तेज हो जाती है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Jul 23, 2025 पर 9:57 AM
Magic of Compounding: क्यों 1 करोड़ 6 साल में 2 करोड़ होता है, लेकिन 9 करोड़ सिर्फ एक साल में 10 करोड़ हो जाता है?
वेल्थ क्रिएशन के लिए ज्यादा रिटर्न जरूरी नहीं है। इसके लिए पैसे को बढ़ने के लिए पर्याप्त समय देना जरूरी है।

इनवेस्टमेंट से बड़ा फंड तैयार करना शुरुआत में मुश्किल लग सकता है। लेकिन, बाद में यह काफी आसान हो जाता है। इसमें मैजिक ऑफ कंपाउंडिंग का बड़ा हाथ है। फंड्सइंडिया की एक रिपार्ट से इसे समझना आसान हो जाता है। इस रिपोर्ट के मुताबिक, आपका पैसा 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये होने में (सालाना 12 फीसदी रिटर्न से) 6 साल का समय लग जाता है। लेकिन, 9 करोड़ को 10 करोड़ रुपये होने में सिर्फ एक साल का समय लगता है। इसे मैजिक ऑफ कंपाउंडिंग कहा जाता है। इसमें आपका इनवेस्टमेंट कॉर्पस जितना बड़ा होगा, उसकी ग्रोथ अबसॉल्यूट टर्म में उतनी ज्यादा होगी। हालांकि, रिटर्न ऑफ रिटर्न उतना ही रहेगा, जितना पहले था।

सालाना 12 फीसदी रिटर्न से 1 करोड़ रुपये को 2 करोड़ रुपये होने में 6 साल का समय लग जाता है। इसका मतलब है कि आपका पैसा 6 साल में दोगुना होता है। लेकिन, पैसे के 2 करोड़ रुपये से 3 करोड़ होने के लिए सिर्फ मौजूदा कॉर्पस का 50 फीसदी जरूरी होता है। और इसमें सिर्फ 3.5 साल का समय लगता है।

कंपाउंडिंग के हिसाब से आपका पैसा निम्नलिखित तरीके से बढ़ता है:

3 करोड़ रुपये को 4 करोड़ रुपये होने में 2.5 साल का समय लगता है

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