महाराष्ट्र सरकार की सबसे लोकप्रिय और महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक 'मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना' को लेकर पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अफवाहें तैर रही हैं। दावा किया जा रहा है कि वित्तीय बोझ के कारण सरकार इस योजना को बंद करने की तैयारी में है। इन खबरों ने राज्य की लाखों लाभार्थी महिलाओं के बीच चिंता पैदा कर दी थी। हालांकि, अब महाराष्ट्र सरकार ने इन सभी अटकलों पर विराम लगाते हुए अपनी स्थिति साफ कर दी है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजीत पवार गुट) के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री हसन मुश्रीफ ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि लाडकी बहिन योजना बंद नहीं होगी और यह भविष्य में भी जारी रहेगी। मुश्रीफ ने उन दावों का भी खंडन किया जिनमें कहा जा रहा था कि इस योजना के कारण सरकारी कर्मचारियों के वेतन में देरी हो रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि योजना के बड़े बजट के कारण विकास कार्यों के लिए मिलने वाली निधि में कुछ सामंजस्य बिठाना पड़ रहा है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि महिलाओं को मिलने वाली आर्थिक मदद रोक दी जाएगी।
इस योजना के वित्तीय पक्ष पर नजर डालें तो सरकार हर महीने लाभार्थियों को लगभग 3,700 करोड़ रुपये वितरित करती है। इसमें प्रत्येक पात्र महिला को 1,500 रुपये की मासिक सहायता दी जाती है।
* बजट आवंटन: वर्ष 2025-26 के लिए इस योजना का बजट 36,000 करोड़ रुपये था, जिसे 2026-27 के लिए संशोधित कर 26,000 करोड़ रुपये किया गया है।
* बैंक खातों पर कार्रवाई: सरकार ने हाल ही में करीब 68 लाख लाभार्थियों के खाते बंद कर दिए हैं। इसका मुख्य कारण निर्धारित समय सीमा के भीतर अनिवार्य e-KYC प्रक्रिया का पूरा न होना है। इसके बाद अब सक्रिय खातों की संख्या घटकर लगभग 1.75 करोड़ रह गई है।
यदि आप भी इस योजना की लाभार्थी हैं और आपकी किस्तें रुक गई हैं, तो आपको तुरंत अपनी e-KYC प्रक्रिया पूरी करनी चाहिए। इसे आधिकारिक वेबसाइट (https://ladakibahin.maharashtra.gov.in) पर जाकर आधार नंबर और ओटीपी के जरिए आसानी से किया जा सकता है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल उन्हीं महिलाओं को लाभ मिलता रहेगा जिनके दस्तावेज और केवाईसी अपडेटेड हैं।
सूत्रों और सरकारी जानकारी के अनुसार, फरवरी और मार्च 2026 की संयुक्त किस्त 15 अप्रैल 2026 से पहले जारी होने की पूरी संभावना है। यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बना रही है, बल्कि राज्य की राजनीति में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। 2024 के विधानसभा चुनावों में महायुति गठबंधन की जीत के पीछे भी इस योजना को एक बड़ा गेम-चेंजर माना गया था।