Market cues : बाजार में ऊपरी स्तरों पर बिकवाली का दबाव कायम, Nifty के लिए 23700 का स्तर पहला सपोर्ट

Market cues : जानकारों का कहना है कि बाज़ार में मंदी के माहौल को देखते हुए Nifty के लिए 23,700 का स्तर पहला सपोर्ट है जिस पर नजर रखनी चाहिए। उसके बाद 23,500 अगलाअहम सपोर्ट है। हालांकि,अगर बाजार में तेज़ी आती है तो 24,000 का स्तर पहली रुकावट बन सकता है

अपडेटेड Apr 27, 2026 पर 8:17 AM
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Market cues : Nifty ने दोनों तरफ छोटी-छोटी शैडो वाली एक लाल कैंडल बनाई और लगातार तीसरे सेशन में भी अपना 'लोअर-हाई' स्ट्रक्चर बनाए रखा जो कि 'बेयरिश'सेंटिमेंट का संकेत है

Market cues : 24 अप्रैल को Nifty में 1.14 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। कमजोर घरेलू और ग्लोबल संकेतों के कारण इसमें लगातार तीसरे दिन भी गिरावट जारी रही। पश्चिम एशिया में तनाव के चलते तेल की महंगी कीमतें,कमजोर होते मोमेंटम इंडिकेटर्स और इंडेक्स का शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे गिरना, इन सब को देखते हुए 23,700 का स्तर एक तत्काल सपोर्ट के तौर पर नजर आ रहा है। जिसके बाद 23,500 एक अहम सपोर्ट (पिछले हफ्ते के निचले स्तर के करीब)का काम करेगा। हालांकि,अगर बाजार में तेज़ी आती है तो 24,000 का स्तर पहली रुकावट बन सकता है और उसके बाद 24,200 का स्तर एक अहम रेजिस्टेंस होगा। अगर बाजार इस स्तर से ऊपर बना रहता है तो 24,600 के स्तर तक पहुंचने का रास्ता खुल सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल


पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 24,122, 24,215 और 24,365

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 23,823, 23,730 और 23,580

स्पेशल फॉर्मेशन : Nifty ने दोनों तरफ छोटी-छोटी शैडो वाली एक लाल कैंडल बनाई और लगातार तीसरे सेशन में भी अपना 'लोअर-हाई' स्ट्रक्चर बनाए रखा जो कि 'बेयरिश'(मंदी वाले) सेंटिमेंट का संकेत है। यह इंडेक्स मीडियम और शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज के साथ-साथ 23.6 प्रतिशत के स्तर से भी नीचे गिर गया। फाइबोनाची (2 अप्रैल से आई मजबूत तेजी का) ने मंड़ियों को और भी ज़्यादा मजबूती दी। RSI के गिरकर 49.21 पर पहुंचने से 'बेयरिश क्रॉसओवर'का संकेत मिला। MACD नीचे की ओर झुका,हालांकि यह 'ज़ीरो'और'सिग्नल लाइन्स' के ऊपर ही बना रहा और हिस्टोग्राम की हरी पट्टियों में और भी ज्यादा कमजोरी देखने को मिली। ये सभी बातें इस बात का संकेत देती हैं कि आने वाले समय में बाजार में कमज़ोरी बनी रहेगी और इसका झुकाव निगेटिव रहेगा।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स पर आधारित रेजिस्टेंस: 56,371, 56,539, और 56,810

पिवट पॉइंट्स पर आधारित सपोर्ट: 55,829, 55,661, और 55,390

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित रेजिस्टेंस: 57,195, 59,169

फिबोनाची रिट्रेसमेंट पर आधारित सपोर्ट: 55,676, 54,576

स्पेशल फॉर्मेशन: शुक्रवार को बैंक निफ्टी में सिर्फ 0.38 प्रतिशत की गिरावट आई और डेली टाइमफ़्रेम पर इसने एक छोटी बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई, जिसके ऊपरी और निचले हिस्से में लंबी शैडो थीं। यह इस बात का संकेत है कि ऊंचे स्तरों पर बिकवाली का दबाव है,जबकि निचले स्तरों पर खरीदारी में भी दिलचस्पी बनी हुई है। इसके अलावा,'राइजिंग वेज पैटर्न'में ब्रेकडाउन देखने को मिला और इंडेक्स ने हाल ही में अपने 'स्विंग लो'को टेस्ट किया। इंडेक्स अभी भी 20-दिन के EMA और 23.6 प्रतिशत फिबोनाची रिट्रेसमेंट से ऊपर बना हुआ है,हालांकि यह मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है। 52.27 पर RSI ने एक नेगेटिव क्रॉसओवर दिखाया। जबकि MACD ज़ीरो और सिग्नल लाइनों से ऊपर बना रहा। हालांकि हिस्टोग्राम की हरी बार्स लगातार छोटी होती गईं। यह सब Nifty 50 के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन के बावजूद एक सतर्क से लेकर थोड़े नेगेटिव रुझान का संकेत है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 24 अप्रैल को लगातार पांचवें सत्र में अपनी बिकवाली जारी रखी और ₹8,827 करोड़ के शेयर बेच दिए। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने लगातार दूसरे सत्र में अपनी खरीदारी जारी रखी और ₹4,700 करोड़ के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में 6.04 प्रतिशत का उछाल आया और यह 20 के स्तर के करीब 19.71 पर पहुंच गया जो 'बुल' (तेजी लाने वालों) के लिए चिंता का विषय है। 20 के स्तर से ऊपर लगातार बढ़त और ठहराव 'बुल' के लिए और अधिक जोखिम पैदा कर सकता है,जबकि 16 के स्तर से नीचे निर्णायक गिरावट 'बुल' खेमे को कुछ राहत दे सकती है।

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पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 24 अप्रैल को गिरकर 0.78 पर आ गया,जबकि पिछले सत्र में यह 0.92 था। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं,जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: SAIL

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं

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