Zerodha cofounder : Meta के स्टॉक की ऐतिहासिक गिरावट पर निखिल कामत ने क्या कहा

Zerodha के को-फाउंडर निखिल कामत ने कहा कि गिरावट कंपनी की अप्रत्याशित ग्रोथ का स्वाभाविक परिणाम है, किसी प्लेटफॉर्म के यूजर्स में अनिश्चितकाल तक बढ़ोतरी की उम्मीद करना ठीक नहीं है

अपडेटेड Feb 04, 2022 पर 5:50 PM
निखिल कामत, को-फाउंडर, जिरोधा और ट्रूबीकन

Zerodha co-founder Nikhil Kamath : मेटा प्लेटफॉर्म इंक द्वारा कमजोर फोरकास्ट जारी किए जाने के बाद सोशल मीडिया कंपनी के शेयर में गुरुवार को एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिससे कंपनी के फाउंडर मार्क ज़करबर्ग की नेटवर्थ 29 अरब डॉलर कम हो गई। मेटा के स्टॉक में लगभग 26 फीसदी की गिरावट के साथ उसकी मार्केट वैल्यू में 200 अरब डॉलर की कमी आ गई जो किसी अमेरिकी कंपनी की मार्केट वैल्यू में सबसे बड़ी गिरावट है।

मेटा का स्टॉक 26 फीसदी टूटा

Forbes के मुताबिक, फेसबुक के फाउंडर और चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिस (CEO) ज़करबर्ग की संपत्ति अब घटकर 85 अरब डॉलर पर आ गई है। पूर्व में फेसबुक के नाम से जानी जाने वाली कंपनी में ज़करबर्ग के पास 12.8 फीसदी हिस्सेदारी है।


Meta crash: मार्क जुकरबर्ग को 31 अरब डॉलर के नुकसान पर, सोशल मडिया पर दुख की नहीं बल्कि मीम की बाढ़ आई

चीन की बाइटडांस (ByteDance) के स्वामित्व वाले वीडियो शेयरिंग प्लेटफॉर्म जैसी राइवल्स की तरफ से कॉम्पिटीशन बढ़ने के साथ पहली बार पहली तिमाही में फेसबुक के यूजर्स में कमी दर्ज की गई है।

अप्रत्याशित ग्रोथ के बाद गिरावट स्वाभाविक है

जिरोधा और ट्रूबीकन के को-फाउंडर निखिल कामत ने कहा कि गिरावट कंपनी की अप्रत्याशित ग्रोथ का स्वाभाविक परिणाम है। उन्होंने कहा, “किसी प्लेटफॉर्म के यूजर्स में अनिश्चितकाल तक बढ़ोतरी की उम्मीद करना ठीक नहीं है। यूजर्स की संख्या के मामले में भारत फेसबुक का सबसे बड़ा मार्केट है। इसलिए भारत ग्लोबल मार्केट में उसके प्रदर्शन में अहम भूमिका निभाएगा।”

Meta क्रैश होने से मुकेश अंबानी और गौतम अडानी अब मार्क ज़करबर्ग से ज्यादा अमीर

कोई एक फैक्टर जिम्मेदार नहीं

निखिल कामत ने कहा, “आम तौर पर, वैल्युएशन और स्टॉक प्राइस में गिरावट के लिए कई फैक्टर जिम्मेदार हो सकते हैं। फेसबुक के लिए, मैंने देखा है कि कैसे एनालिस्ट्स प्रतिस्पर्धी ऐप्स के ग्रोथ पर निगेटिव प्रभाव का अनुमान लगाते हैं। एक ऐसे देश में जहां सबसे बड़ी कॉम्पिटिटर टिकटॉक पर प्रतिबंध है, हमने सुस्त ग्रोथ देखी है। इसलिए, मैं यह नहीं कहूंगा कि किसी भी तरह से यही एक फैक्टर जिम्मेदार है।”

उन्होंने कहा, “फेसबुक की लीडरशिप ने इसके लिए भारत में टेलिकॉम प्राइस में बढ़ोतरी को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, भले ही इसमें कोई संबंध हो, लेकिन यह सबसे बड़ा फैक्टर नहीं हो सकता।”

 

 

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।