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Metals Q4 Preview:मेटल कंपनियों के वॉल्यूम में दिख सकती है बढ़ोतरी, मार्जिन पर रह सकता है दबाव

ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि चौथी तिमाही में मेटल कंपनियों का रेवेन्यू सालाना आधार पर 39 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 15, 2022 पर 1:41 PM
Metals Q4 Preview:मेटल कंपनियों के वॉल्यूम में दिख सकती है बढ़ोतरी, मार्जिन पर रह सकता है दबाव
Axis Securitie का कहना है कि चौथी तिमाही में मेटल कंपनियों के एबिटडा मार्जिन के सालाना आधार पर सपाट रहने की संभावना है

मार्केट एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही में फेरस और नॉन फेरस मेटल कंपनियों के रेवेन्यू में सालाना आधार पर मजबूत ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इन कंपनियों को कमोडिटी की कीमतों में आई बढ़ोतरी और बिक्री में बढ़त का फायदा मिलेगा।

पूर्वी यूरोप में संघर्ष बढ़ने के साथ ही बाजार में सप्लाई से जुड़ी दिक्कतों का अनुमान लगा लिया जिसके चलते चौथी तिमाही में एल्यूमिनियम और स्टील की कीमतों में तिमाही आधार पर जोरदार बढ़त देखने को मिली है। यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के चलते रूसी बैंकों को इंटरनेशनल पेमेंट मैसेजिंग सिस्टम SWIFT से बाहर कर दिया गया है। जिससे रातों-रात एल्युमिनियम, स्टील, कोकिंग कोल, निकेल, एल्युमिना और थर्मल कोल के ट्रेड सेटल करना मुश्किल हो गया। जिसके चलते पूरी दुनिया में इन कमोडिटीज की कमी पैदा हो गई और कुछ कमोडिटीज की कीमतें आसमान चूमने लगीं।

Axis Securitie का कहना है कि चौथी तिमाही में मेटल कंपनियों के एबिटडा मार्जिन के सालाना आधार पर सपाट रहने की संभावना है। वहीं तिमाही आधार पर भी इस पर कोयले और ईंधन की हाई कीमत के चलते हल्का दबाव दिख सकता है या फिर ये सपाट रह सकता है।

एक दूसरे ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि चौथी तिमाही में मेटल कंपनियों का रेवेन्यू सालाना आधार पर 39 फीसदी की बढ़त देखने को मिल सकती है लेकिन एबिटडा में सिर्फ 2.4 फीसदी की और मुनाफे में 7.5 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है। मेटल कंपनियों के मुनाफे और मार्जिन पर बढ़ती उत्पादन लागत का असर देखने को मिलेगा।

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