Mothers Day 2025: अब कामकाजी माएं अपने परिवार की हेल्थ को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो गई है। मदर्स डे 2025 के मौके पर ये समझना बहुत जरूरी है कि अब महिलाएं खासकर कामकाजी माएं, अपने और अपने परिवार की फाइनेंशियल प्लानिंग को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो गई हैं। अब वो सिर्फ घर और बच्चों की देखभाल तक सीमित नहीं रहीं, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक सुरक्षा के लिए भी बड़े फैसले ले रही हैं।
आज के दौर में अगर किसी महिला के साथ कुछ अनहोनी हो जाती है, तो उसका असर सिर्फ भावनात्मक नहीं बल्कि आर्थिक रूप से भी परिवार पर पड़ता है। इसलिए अब बीमा कंपनियां भी नई सोच के साथ टर्म इंश्योरेंस प्लान ला रही हैं, जो महिलाओं की जरूरतों के हिसाब से बनाए जा रहे हैं।
महिलाओं को मिल रहा है कम प्रीमियम में ज्यादा फायदा
महिलाओं को टर्म इंश्योरेंस लेने में पुरुषों के मुकाबले फायदा मिलता है, क्योंकि रिसर्च के मुताबिक महिलाएं आमतौर पर लंबी और हेल्दी लाइफ जीती हैं। इसी वजह से उनका रिस्क कम होता है और उन्हें प्रीमियम में करीब 30% तक की छूट मिल जाती है। नई तकनीकों जैसे AI और डेटा एनालिसिस से अब बीमा कंपनियां महिलाओं को बेहतर और सटीक प्लान ऑफर कर रही हैं, जिससे वो बिना किसी झिझक के फैसला ले पा रही हैं।
और बढ़ रहा है महिलाओं का भरोसा
इस साल टर्म इंश्योरेंस लेने वाली महिलाओं की संख्या में 18% का इजाफा हुआ है। इनमें से आधी महिलाएं नौकरीपेशा हैं और बाकी गृहिणियां। सबसे बड़ी बात ये है कि अब 44% महिलाएं 1 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा का कवर चुन रही हैं। ये दिखाता है कि वो अब खुद के साथ-साथ अपने परिवार को भी financially secure रखना चाहती हैं।
अब कुछ बीमा प्लान्स ऐसे भी आ गए हैं, जो सिर्फ पैसों की मदद नहीं करते बल्कि अगर किसी महिला की अचानक मौत हो जाए तो उनके बच्चों की पढ़ाई के लिए हर महीने एक तय रकम मिलती है। साथ ही परिवार को एक साथ अमाउंट दिया जाता है।
अब महिलाएं अपने परिवार की सिक्योरिटी के लिए खुद कमर कस रही हैं। और टर्म इंश्योरेंस उनके इस सफर में एक मजबूत सहारा बनता जा रहा है। मदर्स डे का असली मतलब भी यही है — एक मां जो हर मोर्चे पर अपने परिवार के लिए खड़ी रहती है, अब अपने फाइनेंशियल फैसलों में भी सबसे आगे है।