आज आम तौर पर एक व्यक्ति के कई बैंक अकाउंट (Multiple Bank Accounts) हो जाते हैं। लेकिन, एक से ज्यादा बैंक अकाउंट को मैनेज करना आसान नहीं है। यहीं वजह है कि कुछ लोग भूल जाते हैं कि उनके कई बैंक अकाउंट हैं। हालांकि, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के नियम रोजाना सख्त हो रहे हैं। ऐसे में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को रियल टाइम आधार पर यह पता होता है कि टैक्सपेयर के कितने बैंक अकाउंट हैं। अगर आपके भी एक से ज्यादा बैंक अकाउंट हैं तो यह जान लेना आपके लिए फायदेमंद होगा कि आप कैसे इनका सही इस्तेमाल कर सकते हैं।
फल-सब्जी से लेकर निवेश तक के लिए बैंक अकाउंट जरूरी
सेविंग्स अकाउंट्स और करेंट अकाउंट्स का सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। सेविंग्स अकाउंट्स का इस्तेमाल कई कामों के लिए होता है। आपकी सैलरी इस अकाउंट में आती है। आपका इनवेस्टमेंट इस अकाउंट के जरिए होता है। आपका डिविडेंड इसी अकाउंट में आता है। चीजों और सेवाओं के पेमेंट के लिए आप अपने सेविंग्स अकाउंट का इस्तेमाल करते हैं। बीमा का प्रीमियम पेमेंट के लिए सेविंग्स अकाउंट का इस्तेमाल होता है। यहां तक कि फल-सब्जियों और दूध जैसी रोजमर्रा की चीजें खरीदने के लिए आप इसी अकाउंट से कैश निकालते हैं। सेविंग्स अकाउंट में जमा पैसे पर बैंक आपको इंटरेस्ट देता है।
ज्यादातर सुविधाओं के लिए फीस वसूलते हैं बैंक
बैंक अपनी सुविधाओं के लिए ग्राहकों से कुछ फीस वसूलते हैं। इनमें, एटीएम कार्ड, एटीएम विड्रॉल, फंड ट्रांसफर, चेक बुक इश्यू जैसी सुविधाएं शामिल हैं। अगर आपने अब तक इन फीस पर ध्यान नहीं दिया है तो आपको इन्हें एक बार जरूर चेक करना चाहिए। एटीएम विड्रॉल फीस बैंक के हिसाब से अलग-अलग होती है। अगर आप इंटरनेशनल फंड ट्रांसफर करते हैं तो आपको उन बैंकों के फंड ट्रांसफर चार्ज को चेक कर लेना चाहिए, जिनके सेविंग्स अकाउंट आपके पास हैं। फिर, आपको उस बैंक अकाउंट का इस्तेमाल करना चाहिए, जिसकी फीस कम है।
बैंक स्टेटमेंट की समय-समय पर मॉनटरिंग जरूरी
कई बैंक अकाउंट्स होने पर हर ट्रांजेक्शन का ट्रैक रखना मुश्किल हो जाता है। लेकिन आज जिस तरह से साइबर फ्रॉड के मामले बढ़ रहे हैं, ट्रांजेक्शन में किसी तरह की गड़बड़ी या फ्रॉड के बारे में जानना आपके लिए बहुत जरूरी है। ज्यादातर बैंक एसएमएस और ईमेल अलर्ट के जरिए ट्रांजेक्शन की जानकारी देते हैं। फिर भी, समय-समय पर अपने अकाउंट स्टेटमेंट को ध्यान से देखना आपके लिए बहुत जरूरी है। इससे आपको फ्रॉड और दूसरी तरह की गड़बड़ी का पता चल जाएगा।
टैक्स के लिहाज से भी कई बैंक अकाउंट फायदेमंद नहीं
अगर आपको यह महसूस होता है कि कुछ ऐसे अकाउंट्स हैं, जो आपके किसी इस्तेमाल के नहीं हैं तो उसे बंद करा सकते हैं। इससे आपका समय बचेगा, क्योंकि आपको उस अकाउंट के ट्रांजेक्शन और रखरखाव पर नजर रखने की जरूरत नहीं पड़ेगी। जरूरत से ज्यादा बैंक अकाउंट रखना टैक्स के लिहाज से भी फायदेमंद नहीं है। इनकम टैक्स एक्ट, 1961 के मुताबिक, सेविंग्स बैंक अकाउंट में जमा पैसे पर 10,000 रुपये तक के इंटरेस्ट अमाउंट को ही टैक्स से छूट हासिल है। चूंकि टैक्सपेयर्स को सेविंग्स अकाउंट से मिले इंटरेस्ट इनकम की जानकारी इनकम टैक्स रिटर्न में देना जरूरी है, जिससे ज्यादा अकाउंट होने से किसी एक के इंटरेस्ट इनकम की जानकारी डिसक्लोज करना आप भूल सकते हैं।