मुंबई का रियल एस्टेट बाजार 2025 की तीसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन करता दिखा है। नाइट फ्रैंक इंडिया की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई से सितंबर 2025 के दौरान मुंबई में सबसे अधिक रेजिडेंशियल घरों की बिक्री हुई, पूरे भारत में सबसे ज्यादा 24,706 घर बिके, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2 प्रतिशत अधिक है। इस अवधि में मुंबई में आवासीय कीमतों में भी 7 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई, जिसका कारण उच्च मूल्य वर्ग (₹1 करोड़ से ऊपर) में स्थिर मांग है। हालांकि, नए प्रोजेक्ट लॉन्च में 19 प्रतिशत की गिरावट आई है, जिससे डेवलपर्स ने पूंजी संरक्षण और तेज प्रोजेक्ट पूरा करने पर ध्यान दिया।
ऑफिस मार्केट में भी मुंबई ने अच्छा प्रदर्शन किया। औसत किराए में सालाना आधार पर 11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो लगातार तेरहवीं तिमाही है जब किराए में स्थिर या सकारात्मक वृद्धि देखी गई। हालांकि, ऑफिस ट्रांजैक्शन वॉल्यूम में 27 प्रतिशत की गिरावट आई है। मुंबई, बेंगलुरु और दिल्ली-एनसीआर ने मिलकर देश के आधे ऑफिस ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का प्रतिनिधित्व किया है। इस अवधि में मुंबई में नए ऑफिस स्पेस की उपलब्धता में 94 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जो पिछले साल की तुलना में जबरदस्त बढ़ोतरी है।
नाइट फ्रैंक के वरिष्ठ उप निदेशक गुलाम जिया ने बताया कि मुंबई में प्रीमियम ग्रेड ए स्पेस की मांग लगातार मजबूत बनी हुई है, जो शहर को एक प्रमुख कमर्शियल हब के रूप में स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि इस स्थिरता से बाजार की परिपक्वता और मांग का संकेत मिलता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, बेंगलुरु में 14,538 घर बिके लेकिन सालाना आधार पर 2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई। दिल्ली-एनसीआर में 12,955 घर बिके, जो 5 प्रतिशत की गिरावट दर्शाता है। पुणे में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई, जहां बिक्री में 8 प्रतिशत की कमी आई। दक्षिण के बाजारों में हैदराबाद और चेन्नई में क्रमशः 5 और 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जबकि अहमदाबाद में 3 प्रतिशत का मामूली बढ़ावा हुआ है।