वित्त वर्ष 2025-26 का बाजार इक्विटी निवेशकों के लिए काफी मुश्किल रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी गिरावट आई। कई इक्विटी म्यूचुअल फंड 10 से 20 प्रतिशत तक टूट गए। इससे लाखों निवेशकों के पोर्टफोलियो पर असर पड़ा।
वित्त वर्ष 2025-26 का बाजार इक्विटी निवेशकों के लिए काफी मुश्किल रहा। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी गिरावट आई। कई इक्विटी म्यूचुअल फंड 10 से 20 प्रतिशत तक टूट गए। इससे लाखों निवेशकों के पोर्टफोलियो पर असर पड़ा।
हालांकि इस गिरावट में एक मौका भी छिपा है, जिसे टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग कहा जाता है। सही रणनीति अपनाकर निवेशक अपने नुकसान का इस्तेमाल टैक्स बचाने के लिए कर सकते हैं।
टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग क्या है
टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग का मतलब है ऐसे म्यूचुअल फंड यूनिट्स को बेचना जिनकी कीमत आपकी खरीद कीमत से कम है। इससे जो नुकसान होता है उसे बुक करके दूसरे निवेश से हुए कैपिटल गेन के साथ एडजस्ट किया जा सकता है।
इसमें निवेश पूरी तरह छोड़ा नहीं जाता। निवेशक चाहें तो उसी पैसे को किसी मिलते जुलते फंड में दोबारा लगा सकते हैं। यानी कागज पर दिखने वाला नुकसान टैक्स बचत में बदल सकता है।
शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म लॉस का फर्क
टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग करते समय यह समझना जरूरी है कि नुकसान शॉर्ट टर्म है या लॉन्ग टर्म। अगर किसी म्यूचुअल फंड को 12 महीने से कम समय में बेचने पर नुकसान होता है तो उसे शॉर्ट टर्म कैपिटल लॉस (STCL) कहा जाता है। इस तरह के नुकसान को शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन (STCG) और लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) दोनों के साथ एडजस्ट किया जा सकता है।
वहीं अगर निवेश को 12 महीने या उससे ज्यादा समय तक रखने के बाद नुकसान होता है तो उसे लॉन्ग टर्म कैपिटल लॉस (LTCL) कहा जाता है। इस तरह के नुकसान को केवल लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) के साथ ही एडजस्ट किया जा सकता है।
टैक्स रेट समझना भी जरूरी
टैक्स बचत का फायदा तभी मिलेगा जब टैक्स नियमों की सही जानकारी हो।
LTCG में 1.25 लाख रुपये तक टैक्स नहीं लगता। अगर आपका LTCG 1.25 लाख रुपये से कम है तो लॉस हार्वेस्टिंग से खास फायदा नहीं मिलेगा।
इस उदाहरण से समझिए
मान लीजिए किसी फंड से आपको 2 लाख रुपये का LTCG हुआ। साथ ही दूसरे फंड में आपने 1.5 लाख रुपये का लॉन्ग टर्म लॉस बुक किया।
अब आपका नेट LTCG 50 हजार रुपये रह जाएगा, जो 1.25 लाख रुपये की छूट सीमा के भीतर है। ऐसे में टैक्स देनदारी शून्य हो सकती है।
सही समय भी जरूरी
अगर आप चालू वित्त वर्ष में नुकसान दिखाना चाहते हैं तो ट्रांजैक्शन 31 मार्च से पहले करना जरूरी है।
ध्यान रखें कि एक फंड से दूसरे फंड में पैसा ट्रांसफर करना यानी स्विच करना भी रिडेम्पशन माना जाता है। इसलिए उस पर भी टैक्स नियम लागू होते हैं।
इन गलतियों से बचें
टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
किसके लिए फायदेमंद
टैक्स लॉस हार्वेस्टिंग हर निवेशक के लिए जरूरी नहीं है। यह तब ज्यादा काम करती है जब आपके पास टैक्स योग्य कैपिटल गेन हो और नुकसान को उसके साथ एडजस्ट किया जा सके।
अगर इस साल पूरा नुकसान एडजस्ट नहीं हो पाता तो उसे 8 साल तक आगे कैरी फॉरवर्ड किया जा सकता है। इसके लिए समय पर इनकम टैक्स रिटर्न फाइल करना जरूरी है।
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