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Mutual Fund Tips: एफडी से ज्यादा रिटर्न और शेयरों से कम रिस्क! क्या आपको डेट फंड्स में इनवेस्ट करना चाहिए?

डेट फंड्स ऐसे म्यूचुअल फंड हैं जो फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज जैसे कि सरकारी बॉन्ड्स (Government Bonds), डिबेंचर्स और कॉर्पोरेट पेपर्स में निवेश करते हैं। इनका टेन्योर (अवधि) और ब्याज दर (Rate of Interest) पहले से तय होती है

Edited By: Rakesh Ranjanअपडेटेड Apr 17, 2026 पर 3:18 PM
Mutual Fund Tips: एफडी से ज्यादा रिटर्न और शेयरों से कम रिस्क! क्या आपको डेट फंड्स में इनवेस्ट करना चाहिए?
1 अप्रैल, 2023 से डेट फंड के टैक्स के नियम बदल गए हैं। टैक्स बचत के साथ 80% से ज्यादा इक्विटी में निवेश, 3 साल लॉकइन। औसत 22% तक, टॉप फंड्स में 28% सालाना। टैक्स सेवर के साथ हाई ग्रोथ फंड।

शेयर बाजार में ज्यादा उतार-चढ़ाव का असर निवेशकों पर पड़ा है। कई इनवेस्टर्स अब निवेश के ऐसे विकल्प की तलाश कर रहे हैं, जिसमें बैंक एफडी से ज्यादा रिटर्न मिले और रिस्क शेयरों से कम हो। सीएनबीसी-आवाज के विशेष शो में डेट म्यूचुअल फंड्स की बारीकियों और उनके टैक्स नियमों पर चर्चा हुई।

डेट फंड्स क्या हैं और कैसे काम करते हैं?

डेट फंड्स ऐसे म्यूचुअल फंड हैं जो फिक्स्ड इनकम सिक्योरिटीज जैसे कि सरकारी बॉन्ड्स (Government Bonds), डिबेंचर्स और कॉर्पोरेट पेपर्स में निवेश करते हैं। इनका टेन्योर (अवधि) और ब्याज दर (Rate of Interest) पहले से तय होती है।

डेट फंड्स में निवेश के फायदे क्या हैं?

ये एफडी के मुकाबले अधिक फ्लेक्सिबल होते हैं। इनकी दूसरी खासियत कम अस्थिरता (Low Volatility) है। इक्विटी फंड्स के मुकाबले इनमें उतार-चढ़ाव बहुत कम होता है, इसलिए इन्हें सुरक्षित माना जाता है।

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