NPS, UPS और अटल पेंशन योजना की 1 अक्टूबर से बदल जाएगी फीस, जानें अब कितना देना होगा चार्ज

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS), अटल पेंशन योजना (APY) और NPS-लाइट से जुड़े ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (CRA) की ओर से वसूले जाने वाले फीस में बदलाव किया है। यह नया फीस स्ट्रक्चर 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा

अपडेटेड Sep 18, 2025 पर 2:00 PM
PFRDA ने साफ किया है कि यह नया फीस स्ट्रक्चर अधिकतम सीमा है

नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS), यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS), अटल पेंशन योजना (APY) और NPS-लाइट से जुड़े ग्राहकों के लिए बड़ी खबर है। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (CRA) की ओर से वसूले जाने वाले फीस में बदलाव किया है। यह नया फीस स्ट्रक्चर 1 अक्टूबर 2025 से लागू होगा और जून 2020 में जारी मौजूदा फीस स्ट्रक्चर की जगह लेगा।

गवर्नमेंट सेक्टर के लिए फीस (NPS और UPS)

सरकारी कर्मचारियों के लिए अब नया PRAN खोलने पर ई-PRAN किट के लिए 18 रुपये और फिजिकल PRAN कार्ड के लिए 40 रुपये का फीस लगेगा। सालाना मेंटेनेंस चार्ज 100 रुपये प्रति खाता होगा। हालांकि जिन खातों में शून्य बैलेंस होगा उनसे कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। लेन-देन पर कोई अतिरिक्त फीस नहीं होगा।

अटल पेंशन योजना (APY) और NPS-लाइट


इस कैटगरी के ग्राहकों को PRAN खोलने पर 15 रुपये और सालाना मेंटेनेंस के लिए भी 15 रुपये का भुगतान करना होगा। लेन-देन शुल्क यहां भी शून्य रहेगा।

प्राइवेट सेक्टर के लिए फीस (NPS और NPS वात्सल्या)

प्राइवेट सेक्टर से भी सरकारी सेक्टर की तरह ही, PRAN खोलने पर ई-PRAN किट के लिए 18 रुपये और फिजिकल PRAN कार्ड के लिए 40 रुपये का फीस लिया जाएगा। ट्रांजैक्शन शुल्क यहां भी नहीं लगेगा।

सालाना मेंटेनेंस चार्ज (AMC)

AMC को ग्राहकों की निवेश राशि के आधार पर स्लैब में बांटा गया है।

- शून्य बैलेंस वाले खातों पर कोई चार्ज नहीं।

- 1 रुपये से 2 लाख रुपये तक के कॉर्पस पर 100 रुपये,

- 2,00,001 से 10 लाख रुपये तक पर 150 रुपये,

- 10,00,001 से 25 लाख रुपये तक पर 300 रुपये,

- 25,00,001 से 50 लाख रुपये तक पर 400 रुपये,

- 50 लाख रुपये से अधिक कॉर्पस पर 500 रुपये फीस लगेगा।

अहम दिशानिर्देश

- PFRDA ने साफ किया है कि यह नया फीस स्ट्रक्चर अधिकतम सीमा है। सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियां (CRA) इससे ज्यादा फीस नहीं ले सकतीं। हालांकि वे कंपनियों, ग्राहकों और प्वॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoPs) के साथ बातचीत कर फीस घटा सकती हैं।

- प्राइवेट सेक्टर के सब्सक्राइबर्स के लिए AMC स्लैब आधारित होगा और यह केवल Tier-I कॉर्पस पर लागू रहेगा।

- गर्वनमेंट सेक्टर के UPS ग्राहकों के लिए यह चार्ज केवल एक्यूम्युलेशन चरण के दौरान ही लागू होगा। पेंशन वितरण के लिए बाद में अलग से चार्ज जारी किए जा सकते हैं

- इसके अलावा, अगर CRA भविष्य में कोई नई सेवा शुरू करते हैं तो उसका फीस वास्तविक लागत के आधार पर तय होगा, जिस पर PFRDA की मंजूरी जरूरी होगी। सभी CRA को अपने चार्ज अपनी वेबसाइट और मोबाइल ऐप पर साफ-साफ प्रदर्शित करने होंगे।

- PFRDA ने कहा कि यह संशोधन PFRDA अधिनियम, 2013 की धारा 14 के तहत जारी किया गया है और यह CRA नियमों के तहत निर्धारित पांच साल के प्राइस डिस्कवरी साइकल की पूर्ति को भी दिखाता है।

यह भी पढ़ें- बीमा सुगम की वेबसाइट लॉन्च! इंश्योरेंस खरीदने से क्लेम सेटलमेंट तक, हर मुश्किल का होगा समाधान

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।