Gold-Silver Price: वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले का असर, एक्सपर्ट बोले- सोने और चांदी में दिखेगी बड़ी हलचल
Gold-Silver Price: अमेरिका के वेनेजुएला पर हमले और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने वैश्विक बाजारों को बड़ा झटका दिया है। इसी भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डेटा के बीच इस हफ्ते सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी हलचल संभव है। एक्सपर्ट से जानिए, कहां तक जा सकता है सोने-चांदी का भाव।
MCX पर चांदी की कीमतें हफ्ते के दौरान 3,471 रुपये या 1.45 प्रतिशत गिर गईं।
Gold-Silver Price: सोमवार, 5 जनवरी से शुरू हो रहे हफ्ते में सोने और चांदी की कीमतों में तेज हलचल देखने को मिल सकती है। इसकी वजह अहम अमेरिकी आर्थिक आंकड़े हैं। साथ ही, अमेरिका के वेनेजुएला पर हमला करने और वहां के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकड़ने से भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा है। इससे सोने और चांदी से सुरक्षित माने जाने वाले निवेश की डिमांड बढ़ सकती है।
अमेरिकी डेटा और फेड की नजर
निवेशक अमेरिका से जुड़े प्रमुख आंकड़ों पर नजर रखेंगे। इनमें ISM मैन्युफैक्चरिंग डेटा, दिसंबर का ADP रोजगार आंकड़ा और बेरोजगारी दर शामिल हैं। इसके अलावा फेडरल रिजर्व के कई अधिकारियों के बयान भी अहम रहेंगे, जो मौद्रिक नीति के आउटलुक और बुलियन कीमतों की नजदीकी दिशा के संकेत दे सकते हैं।
एंजल वन के डीवीपी - रिसर्च (नॉन-एग्री कमोडिटीज और करेंसीज) प्रतमेश मलिया के मुताबिक, आने वाले हफ्ते में सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। उनका कहना है कि फिलहाल बाजार में तेजी और गिरावट- दोनों तरह के फैक्टर्स मौजूद हैं।
वेनेजुएला घटनाक्रम से बढ़ी भू-राजनीतिक चिंता
एक्सपर्ट्स का कहना है कि शनिवार को वेनेजुएला में अमेरिका का हमला बाजार में हलचल बढ़ा सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को ड्रग तस्करी के आरोप में पकड़वाया है। इस घटनाक्रम के बाद सोमवार को कमोडिटी बाजारों में आक्रामक ट्रेडिंग देखने को मिल सकती है, जो बढ़ते भू-राजनीतिक अस्थिरता को दिखाता है।
एक एक्सपर्ट के मुताबिक, यह घटनाक्रम वैश्विक बाजारों को झटका दे सकता है। सप्लाई में रुकावट की आशंका के चलते सोने और कच्चे तेल की कीमतें ऊपर जा सकती हैं। क्योंकि वेनेजुएला के पास दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार है।
रिकॉर्ड हाई के बाद सोने में करेक्शन
दिसंबर के आखिर में रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद पिछले हफ्ते सोने की कीमतों में गिरावट आई। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने के फ्यूचर्स 4,112 रुपये या 2.94 प्रतिशत टूट गए। सोना पहले 10 ग्राम पर 1,40,444 रुपये के रिकॉर्ड हाई तक पहुंचा था, लेकिन इसके बाद 3 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर शुक्रवार को 1,35,761 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ।
प्रतमेश मलिया के मुताबिक, 2 जनवरी 2026 को खत्म हुए हफ्ते में सोने की कीमतों में आई गिरावट की वजह ऊंचे स्तरों पर मुनाफावसूली, साल के अंत और क्रिसमस छुट्टियों के चलते कम लिक्विडिटी रही। उन्होंने बताया कि पिछले हफ्ते सोना 1,34,000 से 1,40,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार करता रहा। इस दौरान बाजार में अस्थिरता और भारी बिकवाली का दबाव बना रहा।
चांदी में भी दिखा भारी उतार-चढ़ाव
चांदी की कीमतों में भी इसी तरह का उतार-चढ़ाव देखने को मिला। MCX पर चांदी की कीमतें हफ्ते के दौरान 3,471 रुपये या 1.45 प्रतिशत गिर गईं। चांदी पहले 2,54,174 रुपये प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर तक पहुंची थी, लेकिन इसके बाद 17,858 रुपये या 7.02 प्रतिशत टूटकर शुक्रवार को 2,36,316 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कॉमेक्स पर सोने के फ्यूचर्स छुट्टियों के चलते छोटे हफ्ते में 223.1 डॉलर या 4.9 प्रतिशत गिरकर शुक्रवार को 4,329.6 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुए। चांदी की अंतरराष्ट्रीय कीमतें भी पिछले हफ्ते 8 प्रतिशत या 6.18 डॉलर गिर गईं। इससे पहले यह 82.67 डॉलर प्रति औंस के नए रिकॉर्ड पर पहुंची थीं, लेकिन इसके बाद 14.1 प्रतिशत या 11.65 डॉलर टूटकर 71.01 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुईं।
सोने में सेफ-हेवन डिमांड बनी हुई
स्मॉलकेस मैनेजर और स्मार्ट वेल्थ AI के फाउंडर एवं प्रिंसिपल रिसर्चर पंकज सिंह के मुताबिक, 4,300 डॉलर प्रति औंस के आसपास सोने की मजबूती यह दिखाती है कि अमेरिकी महंगाई में नरमी के बावजूद निवेशक सतर्क बने हुए हैं और सेफ-हेवन डिमांड कायम है।
उन्होंने बताया कि CME ग्रुप द्वारा गोल्ड फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ाने के बाद लीवरेज्ड पोजीशंस घटानी पड़ीं। इसी वजह से कॉमेक्स में रणनीतिक बिकवाली देखने को मिली, जिसका असर चांदी की कीमतों पर भी पड़ा। पंकज सिंह के मुताबिक, मौद्रिक अनिश्चितता, भू-राजनीतिक जोखिम और कैपिटल री-एलोकेशन अब भी मजबूत बने हुए हैं। इससे सोने की निवेश की मांग बढ़ सकती है।
2026 के लिए सोने-चांदी का आउटलुक
पंकज सिंह का कहना है कि कि 2026 में सोने की कीमतें 10 से 60 प्रतिशत तक बढ़ सकती हैं। हालांकि, इस दौरान 20 प्रतिशत तक के करेक्शन की आशंका भी बनी रहेगी।
चांदी में उन्होंने 5 से 30 प्रतिशत तक के डाउनसाइड रिस्क की बात कही। लेकिन तेज होती औद्योगिक मांग के चलते इसमें बड़ा अपसाइड भी मुमकिन है। अगर सप्लाई टाइट बनी रहती है, तो कीमतें मौजूदा स्तर से 40 प्रतिशत तक उछल सकती हैं।
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