1 अप्रैल 2026 से लागू होने वाला नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 अब क्रेडिट कार्ड यूजर्स के लिए भी कई बदलाव लेकर आ रहा है। नए नियम के तहत अगर कोई व्यक्ति साल भर में क्रेडिट कार्ड से 10 लाख रुपये या उससे ज्यादा का डिजिटल खर्च करता है, तो उसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को भेजी जा सकती है। वहीं अगर कोई 1 लाख रुपये या उससे ज्यादा का कैश पेमेंट करता है, तो वह भी जांच के दायरे में आ सकता है।
PAN के लिए आसान होगा एड्रेस प्रूफ
अब PAN कार्ड बनवाने के लिए क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट को एड्रेस प्रूफ के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकेगा। पिछले 3 महीने का स्टेटमेंट मान्य होगा, बशर्ते उसमें सही पता हो।
क्रेडिट कार्ड से भर सकेंगे टैक्स
नए नियम के बाद अब आप क्रेडिट कार्ड से इनकम टैक्स भी भर सकेंगे। इससे सुविधा तो बढ़ेगी, लेकिन ध्यान रखें कि बैंक इस पर एक्स्ट्रा चार्ज या ब्याज ले सकते हैं, जिससे खर्च बढ़ सकता है।
कंपनी कार्ड का निजी इस्तेमाल पड़ेगा महंगा
अगर किसी कर्मचारी को कंपनी की ओर से क्रेडिट कार्ड मिला है और वह उसका इस्तेमाल पर्सनल खर्च के लिए करता है, तो उसे टैक्स देना होगा। हालांकि ऑफिस से जुड़े खर्च जैसे ट्रैवल या मीटिंग पर टैक्स नहीं लगेगा।
अब क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन करते समय PAN देना अनिवार्य होगा। बिना PAN के बैंक आपका आवेदन स्वीकार नहीं करेंगे। इससे हर बड़े लेन-देन को टैक्स रिकॉर्ड से जोड़ा जा सकेगा।