UPI Rules: बड़े-बड़े मॉल से लेकर ठेले पर लगने वाले सब्जी की दुकानों तक आजकल लोग हर जगह UPI से पेमेंट करते हैं। भारत में UPI से पेमेंट करना लोगों के जीवन का हिस्सा बन गया है। वहीं अब यूपीआई पेमेंट को लेकर एक खबर आई है। अब यूपीआई से ट्रांजैक्शन फेल या पैसा अटकने पर रिफंड के लिए कई दिनों तक इंतजार नहीं करना होगा। झट से पैसा मिल जाएगा। दरअसल, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) ने अब चार्जबैक अनुरोधों के लिए स्वीकृति और अस्वीकृति प्रक्रिया को ऑटोमेटेड कर दिया है।
किसी UPI ट्रांजैक्शन में परेशानी आती है, जैसे ट्रांजैक्शन फेल हो जाना या पैसा अटक जाना, तो आपको रिफंड के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। इसका मतलब यह है कि अब यदि आपका UPI ट्रांजैक्शन फेल हो जाता है और आपको रिफंड नहीं मिला है, तो आपको पहले की तरह अपने बैंक से चार्जबैक रिक्वेस्ट करने की प्रक्रिया में लंबा इंतजार नहीं करना होगा। आपके बैंक द्वारा की गई रिक्वेस्ट को अब तेजी से निपटाया जाएगा, क्योंकि यह प्रक्रिया ऑटोमेटेड हो गई है। इससे रिफंड का प्रोसेस पहले से कहीं ज्यादा तेज होगा और जल्द से जल्द आपके खाते में वापस पैसे आ जाएंगे।
नई ऑटोमेटेड चार्जबैक प्रक्रिया आज, 15 फरवरी 2025 से लागू हो रही है, जो UPI ट्रांजैक्शन के मामले में सुधार करने के उद्देश्य से है। इस नए सिस्टम से चार्जबैक प्रक्रिया और भी पारदर्शी और तेज़ हो जाएगी।
चार्जबैक आमतौर पर तब होता है जब कोई तकनीकी समस्या, फ्रॉड, या डिलीवरी ना होने की स्थिति होती है। उदाहरण के लिए, इंटरनेट की समस्या, एक ही ट्रांजैक्शन का बार-बार डिडक्ट होना, या फ्रॉड होने पर पैसा वापसी की प्रक्रिया शुरू की जाती है।
चार्जबैक और रीफंड में अंतर - चार्जबैक और रीफंड दोनों में भुगतान की वापसी होती है, लेकिन इनमें एक बड़ा अंतर है