LTCG Tax Relief Proposal: भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। SEBI ने बीते दिन एक ऐसा प्रस्ताव दिया जिसके लागू होने से मार्केट में हरियाली फिर से लौट सकती है। इसी बीच SBI रिसर्च ने भी एक बड़ा प्रस्ताव सामने रखा है।
अपनी ताजा 'इकोवूलैप' रिपोर्ट में एसबीआई रिसर्च ने कहा है कि सरकार राजकोषीय समेकन की दिशा में बिना किसी बड़े व्यवधान के सभी निवेशक श्रेणियों में लॉन्ग-टर्म कैपिटल गेंस टैक्स (LTCG Tax) को खत्म कर सकती है। इससे FY28 में सरकार को ₹40,000 से ₹50,000 करोड़ का राजस्व नुकसान हो सकता है, जिसे आसानी से झेला जा सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, टैक्स खत्म करने से होने वाली संभावित राजस्व हानि जीडीपी के महज 0.1 से 0.2 प्रतिशत के बराबर होगी, जिससे सरकार के राजकोषीय लक्ष्य प्रभावित नहीं होंगे।
क्यों पड़ी LTCG टैक्स खत्म करने की जरूरत?
एसबीआई रिसर्च ने आंकड़े देते हुए बताया कि वित्त वर्ष 2025 में संग्रह बढ़कर ₹1.3 लाख करोड़ रहा था, जिसकी मुख्य वजह पिछले वित्त वर्ष में शेयर बाजार का 30% रिटर्न देना था। हालांकि, अब बाजार की स्थितियां बदल चुकी हैं:
FPIs की भारी निकासी: पिछले तीन सालों में निफ्टी का औसतन रिटर्न महज 0.5% रहा है और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) ने लगभग ₹4.8 लाख करोड़ की निकासी की है।
कलेक्शन में गिरावट का अनुमान: FY26 में LTCG संग्रह ₹1 लाख करोड़ और FY27 में घटकर ₹40,000-50,000 करोड़ पर आने का अनुमान है। ऐसे में यदि सरकार इसे पूरी तरह खत्म कर देती है, तो इसका असर सीमित रहेगा और विदेशी पूंजी को वापस आकर्षित किया जा सकेगा।
SBI रिसर्च के 5 बड़े सुझाव
1. 3 साल बाद जीरो टैक्स: 1 से 2 साल की अवधि वाले निवेश पर मौजूदा 12.5% टैक्स लागू रहे। 2 से 3 साल के होल्डिंग पीरियड वाले गेंस पर 5% टैक्स लगे और 3 साल से अधिक समय तक होल्ड किए गए निवेश पर शून्य (0%) LTCG टैक्स होना चाहिए।
2. छूट की सीमा ₹2 लाख हो: रिटेल निवेशकों को राहत देने के लिए वार्षिक LTCG छूट सीमा को ₹1.25 लाख से बढ़ाकर ₹2 लाख किया जाए और इसे महंगाई से जोड़ा जाए।
3. STT में 50% की बढ़ोतरी: टैक्स खत्म होने से होने वाले घाटे की भरपाई के लिए सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स (STT) को 50% बढ़ाने का सुझाव दिया गया है। इससे FY28 में लगभग ₹45,000 करोड़ का अतिरिक्त राजस्व मिल सकता है।
4. म्यूचुअल फंड्स के लिए री-इन्वेस्टमेंट छूट: म्यूचुअल फंड की निकासी पर LTCG टैक्स को टाल दिया जाए, बशर्ते वह राशि 90 दिनों के भीतर किसी योग्य इक्विटी म्यूचुअल फंड में दोबारा निवेश कर दी जाए।
5. विदेशी निवेश को बढ़ावा: एसबीआई रिसर्च ने सबसे पहले 12 अक्टूबर की अपनी रिपोर्ट में LTCG हटाने का सुझाव दिया था, ताकि एफपीआई की लगातार हो रही बिकवाली को रोका जा सके और भारतीय शेयरों में वैश्विक निवेशकों की रुचि बढ़ाई जा सके।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।