आज, 1 मार्च 2026 से भारतीय रेलवे ने अपने लोकप्रिय UTS (अनारक्षित टिकटिंग सिस्टम) ऐप को पूरी तरह बंद कर दिया है। लाखों यात्रियों के लिए यह बड़ा बदलाव है, जो अब सभी टिकट बुकिंग और संबंधित सेवाओं के लिए नए RailOne सुपर ऐप पर शिफ्ट हो जाएंगे।
आज, 1 मार्च 2026 से भारतीय रेलवे ने अपने लोकप्रिय UTS (अनारक्षित टिकटिंग सिस्टम) ऐप को पूरी तरह बंद कर दिया है। लाखों यात्रियों के लिए यह बड़ा बदलाव है, जो अब सभी टिकट बुकिंग और संबंधित सेवाओं के लिए नए RailOne सुपर ऐप पर शिफ्ट हो जाएंगे।
क्यों बंद हुआ UTS ऐप?
पुराना UTS ऐप मुख्य रूप से अनारक्षित टिकट, प्लेटफॉर्म टिकट और सीजन पास के लिए इस्तेमाल होता था। लेकिन कई ऐप्स के जंगल में यात्री भटक जाते थे। IRCTC से रिजर्व्ड टिकट, UTS से अनारक्षित की सुविधा है। रेलवे ने इसे सरल बनाने के लिए एक ही ऐप पर सबकुछ लाने का फैसला किया। CRIS (सेंटर फॉर रेलवे इंफॉर्मेशन सिस्टम्स) ने 27 फरवरी को सोशल मीडिया पर अलर्ट जारी किया।
RailOne ऐप जुलाई 2025 में केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लॉन्च किया था। यह एंड्रॉयड और iOS दोनों पर उपलब्ध है और UTS की सारी सुविधाएं प्लस रिजर्व्ड टिकट, ट्रेन ट्रैकिंग, फूड ऑर्डर जैसी अतिरिक्त सर्विसेज देता है। डिजिटल पेमेंट पर 3% छूट भी मिलेगी। रेलवे का कहना है कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की बचत होगी। अगर आप रोज चेन फास्ट लोकल पकड़ते हैं, तो जल्दी डाउनलोड कर लें नहीं तो स्टेशन पर लाइन में लगना पड़ेगा।
R-Wallet का पैसा कैसे मिलेगा?
हर आम आदमी के मन में अब सबसे बड़ा सवाल यह आता है कि UTS में भरे R-वॉलेट के पैसे कहां गए? चिंता न करें, वे सुरक्षित हैं। CRIS ने स्पष्ट किया कि बैलेंस अपने आप RailOne ऐप में ट्रांसफर हो जाएगा। बस नया ऐप डाउनलोड करें, पुराना UTS मोबाइल नंबर और R-वॉलेट आईडी लॉगिन से यूज करें। ट्रांसफर में 24-48 घंटे लग सकते हैं। अगर समस्या हो, तो हेल्पलाइन 139 पर कॉल करें या RailOne ऐप के सपोर्ट सेक्शन में टिकट उठाएं। कुछ यूजर्स ने बताया कि ट्रांसफर स्मूथ रहा, लेकिन पीक टाइम में देरी हो सकती है। रिफंड का ऑप्शन भी है। बैलेंस वापसी के लिए बैंक डिटेल्स ऐड करें।
यह बदलाव रेलवे की डिजिटल क्रांति का हिस्सा है। पहले UTS जैसी सुविधाएं स्टेशन काउंटर तक सीमित थीं, अब मोबाइल पर सब आसान। लेकिन ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट इश्यू वाले यात्रियों के लिए चुनौती है। रेलवे ने स्टेशनों पर QR कोड स्कैन से टिकट की सुविधा भी रखी है। कुल मिलाकर, यह स्टेप पैसेंजर्स को सिंगल विंडो देगा, लेकिन शुरुआती परेशानी संभव। आज ही RailOne इंस्टॉल करें और सफर को स्मार्ट बनाएं।
यात्रियों के लिए बदलाव का असर
दैनिक यात्रियों, खासकर मुंबई और दिल्ली जैसे बड़े शहरों में लोकल ट्रेन से सफर करने वाले लोगों के लिए यह बदलाव काफी अहम है। पहले UTS ऐप से सीजन टिकट और प्लेटफॉर्म टिकट लेना बेहद आसान था। अब RailOne ऐप में वही सुविधाएं और भी ज्यादा विकल्पों के साथ उपलब्ध होंगी। रेलवे ने यह भी सुनिश्चित किया है कि जिनके पास पहले से सीजन टिकट है, वह RailOne में ऑटोमैटिकली ट्रांसफर हो जाएगा।
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