आज के समय में आधार कार्ड हमारे सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों में से एक बन चुका है। बैंक खाता खुलवाना हो या सरकारी योजनाओं का लाभ लेना, आधार हर जगह अनिवार्य है। लेकिन कई बार लोगों को अपना पता अपडेट कराने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, खासकर तब जब उनके पास अपने नाम पर कोई वैध एड्रेस प्रूफ (जैसे बिजली बिल या रेंट एग्रीमेंट) न हो।
इसी समस्या को दूर करने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक बेहद राहत भरी सुविधा शुरू की है। अब आप बिना किसी व्यक्तिगत दस्तावेज के भी अपने परिवार के मुखिया (Head of Family - HoF) की सहमति से आधार में अपना पता ऑनलाइन अपडेट कर सकते हैं।
किन लोगों को होगा सबसे ज्यादा फायदा?
* पत्नियां जिनके पास ससुराल के पते का प्रमाण नहीं है।
* बुजुर्ग माता-पिता जो अपने बच्चों के साथ शिफ्ट हुए हैं।
क्या है पूरी प्रक्रिया? (Step-by-Step Guide)
इस नई सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपको कुछ आसान स्टेप्स फॉलो करने होंगे:
1. पोर्टल पर जाएं: सबसे पहले UIDAI के आधिकारिक पोर्टल [myAadhaar](https://myaadhaar.uidai.gov.in) पर लॉग इन करें।
2. विकल्प चुनें: यहां 'एड्रेस अपडेट' सेक्शन में जाकर 'Head of Family (HoF) आधारित एड्रेस अपडेट' का चुनाव करें।
3. HoF की जानकारी: अब आपको अपने परिवार के मुखिया (HoF) का आधार नंबर दर्ज करना होगा। सुरक्षा कारणों से HoF की अन्य निजी जानकारी आपको दिखाई नहीं देगी।
4. रिश्ते का प्रमाण: आपको आवेदक और HoF के बीच संबंध दर्शाने वाला कोई दस्तावेज अपलोड करना होगा। इसके लिए राशन कार्ड, मैरिज सर्टिफिकेट, पासपोर्ट या मार्कशीट का उपयोग किया जा सकता है।
5. फीस का भुगतान: इस सेवा के लिए आपको ₹50 का मामूली शुल्क ऑनलाइन जमा करना होगा। भुगतान के बाद आपको एक SRN (Service Request Number) मिलेगा।
HoF की मंजूरी है अनिवार्य
सिर्फ आवेदन करने से काम पूरा नहीं होगा। आवेदन के बाद परिवार के मुखिया (HoF) के पास एक SMS जाएगा। HoF को 30 दिनों के भीतर पोर्टल पर लॉग इन करके इस रिक्वेस्ट को अपनी मंजूरी देनी होगी। यदि मुखिया 30 दिनों के अंदर इसे स्वीकार या अस्वीकार नहीं करते हैं, तो आवेदन रद्द माना जाएगा। ध्यान रहे कि ऐसी स्थिति में जमा की गई फीस वापस नहीं मिलेगी।
यदि कोई दस्तावेज न हो तो क्या करें?
अगर आपके पास रिश्ते का प्रमाण (Proof of Relationship) देने के लिए भी कोई दस्तावेज नहीं है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। UIDAI ने इसके लिए सेल्फ-डिक्लेरेशन (स्व-घोषणा पत्र) का विकल्प भी दिया है, जिसे HoF द्वारा भरकर अपलोड किया जा सकता है।
UIDAI का यह कदम डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ी कड़ी है। इससे न केवल भ्रष्टाचार और बिचौलियों पर लगाम लगेगी, बल्कि उन लाखों प्रवासियों और परिवारों को राहत मिलेगी जो शहर बदलते समय पते के दस्तावेजों के अभाव में परेशान होते थे। अब आप घर बैठे, अपनों की मदद से अपने आधार को अपडेट रख सकते हैं।