NPS New Rules: पेंशनधारकों के लिए 1 दिसंबर से बदल जाएंगे NPS के नियम! PFRDA ने जारी किए ये सख्त निर्देश
NPS New Rules: पेंशन नियामक PFRDA ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) के नियमों में बड़ा बदलाव किया है, जो 1 दिसंबर से लागू होगा। नए नियमों के तहत अब हर स्कीम के नाम में 'NPS' और यूनिक पहचान अनिवार्य होगी, वहीं विज्ञापनों में रिस्क लेवल और कैटेगरी स्पष्ट लिखनी होगी। इसके अलावा सभी PoP प्लेटफॉर्म्स को सब्सक्राइबर्स को सभी पेंशन फंड्स के विकल्प दिखाना अनिवार्य कर दिया गया है। निवेश से जुड़े इस बड़े बदलाव का पूरा अपडेट जानिए
सब्सक्राइबर्स के लिए पेंशन फंड और स्कीमों का चयन करना बेहद आसान हो जाएगा
NPS New Rules: नेशनल पेंशन सिस्टम के सब्सक्राइबर्स के लिए एक बड़ी खबर है। पेंशन फंड नियामक PFRDA ने NPS स्कीमों के नामकरण और उन्हें विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दिखाने के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नियामक द्वारा 2 नवंबर को जारी सर्कुलर के अनुसार, ये नए दिशानिर्देश 1 दिसंबर 2026 से पूरे देश में लागू हो जाएंगे।
इस नए फैसले से एनपीएस सब्सक्राइबर्स के लिए पेंशन फंड और स्कीमों का चयन करना बेहद पारदर्शी, आसान और स्पष्ट हो जाएगा।
1. अब कैसे लिखे जाएंगे NPS स्कीमों के नाम?
PFRDA ने 'मल्टीपल स्कीम फ्रेमवर्क' (MSF) के तहत स्कीमों का नाम तय करने के लिए एक सख्त और पारदर्शी फॉर्मेट अनिवार्य कर दिया है:
फॉर्मेट का नियम: हर स्कीम के नाम में पेंशन फंड का संक्षिप्त नाम, कॉमन कीवर्ड 'NPS', और पेंशन फंड द्वारा दिया गया एक यूनिक नाम शामिल होना जरूरी है।
Tier II स्कीमों की पहचान: Tier II की स्कीमों के नाम के आखिर में 'Tier II' लिखना अनिवार्य होगा। चूकीं Tier I डिफॉल्ट विकल्प है, इसलिए इसके आगे Tier I लिखना जरूरी नहीं होगा।
उदाहरण: अगर किसी पेंशन फंड का नाम XYZ है, तो उसकी मुख्य स्कीम का नाम 'XYZ NPS Retirement Scheme' होगा, जबकि Tier II के लिए इसका नाम 'XYZ NPS Retirement Scheme Tier II' रखा जाएगा।
कैटेगरी कोड हटेंगे: कैटेगरी कोड A से E तक अब स्कीम के नाम का हिस्सा नहीं होंगे। यदि कोई पेंशन फंड एक ही कैटेगरी में मल्टीपल स्कीमें ऑफर करता है, तो उसे हर स्कीम को अलग और विशिष्ट नाम देना होगा।
2. जोखिम और स्कीम कैटेगरी दिखाना होगा अनिवार्य
सब्सक्राइबर्स को भ्रम से बचाने के लिए PFRDA ने विज्ञापन और प्रचार सामग्री के लिए भी कड़े नियम तय किए हैं:
फॉन्ट और डिस्प्ले: किसी भी विज्ञापन, ब्रोशर या मीडिया पब्लिकेशन में स्कीम नाम के तुरंत नीचे या बगल में छोटे फॉन्ट में उसकी पूरी कैटेगरी और रिस्क प्रोफाइल लिखना अनिवार्य होगा।
उदाहरण: अगर स्कीम का नाम 'XYZ NPS Retirement Scheme' है, तो उसके साथ 'Aggressive Growth- Very High Risk' स्पष्ट शब्दों में लिखा होना चाहिए।
यह जानकारी 'NPS Scheme Essentials Document' और आधिकारिक ब्रोशर में भी प्रमुखता से देनी होगी।
3. PoP प्लेटफॉर्म्स पर दिखेंगे सभी पेंशन फंड्स के ऑप्शन
पॉइंट ऑफ प्रेजेंस (PoP) और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को लेकर रेगुलेटर ने निष्पक्षता सुनिश्चित की है:
सभी विकल्प दिखेंगे: अगर कोई यूजर किसी PoP (जैसे- बैंक या फिनटेक ऐप) पर जाकर 'Balanced Growth- Medium Risk' विकल्प चुनता है, तो प्लेटफॉर्म को उस कैटेगरी में मौजूद सभी पेंशन फंड्स की स्कीमें दिखानी होंगी।
प्रेफरेंस की छूट लेकिन शर्त के साथ: PoP किसी खास पेंशन फंड को लिस्ट में सबसे ऊपर रख सकते हैं या प्री-सिलेक्ट कर सकते हैं, लेकिन वे अन्य फंड्स के विकल्पों को छिपा नहीं सकते।
अपवाद: अगर कोई सब्सक्राइबर सीधे किसी पेंशन फंड की आधिकारिक वेबसाइट या ऐप पर जाकर ऑनबोर्डिंग कर रहा है, तो वहां केवल उसी फंड की स्कीमें दिखाई जा सकती हैं।
CRA और सेंट्रल NPS प्लेटफॉर्म्स को भी चयनित कैटेगरी में सभी उपलब्ध पेंशन फंड्स को प्रदर्शित करना होगा।
1 दिसंबर 2026 से लागू होंगे नियम
PFRDA ने सभी सेंट्रल रिकॉर्डकीपिंग एजेंसियों (CRAs), पेंशन फंड्स और PoPs को निर्देश दिया है कि वे 1 दिसंबर 2026 तक अपने सभी ब्रोशर, वेबसाइट्स, मोबाइल एप्स, ऑनबोर्डिंग प्रोसेस और विज्ञापन सामग्री को इन नए नियमों के अनुसार अपडेट कर लें।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।