NPS vs APY: आपके लिए कौन सी सरकारी पेंशन स्कीम रहेगी बेहतर? समझिए दोनों में क्या है अंतर
NPS vs APY: नेशनल पेंशन सिस्टम और अटल पेंशन योजना दोनों का मकसद रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सुरक्षा देना है। लेकिन दोनों के नियम और फायदे अलग हैं। जानिए किस योजना में तय पेंशन मिलती है, कहां बड़ा रिटायरमेंट फंड बन सकता है और आपके लिए कौन सा विकल्प बेहतर हो सकता है।
NPS भी रिटायरमेंट के लिए बनाई गई योजना है, लेकिन यह APY से काफी अलग है।
NPS vs APY: रिटायरमेंट की प्लानिंग आज पहले से ज्यादा जरूरी हो गई है। लोग लंबा जीवन जी रहे हैं और रिटायरमेंट के बाद नियमित आय की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और अटल पेंशन योजना (APY) दो ऐसी योजनाएं हैं, जिनका मकसद बुढ़ापे में आर्थिक सहारा देना है। हालांकि दोनों योजनाओं के नियम, फायदे और काम करने का तरीका अलग है।
अटल पेंशन योजना (APY) क्या है?
अटल पेंशन योजना की शुरुआत 2015 में हुई थी। यह योजना खासतौर पर कम कमाई वाले लोगों और असंगठित क्षेत्र में काम करने वालों को ध्यान में रखकर बनाई गई थी। इस योजना में 60 साल की उम्र के बाद तय पेंशन मिलती है। निवेशक 1,000 रुपये, 2,000 रुपये, 3,000 रुपये, 4,000 रुपये या 5,000 रुपये महीने की पेंशन का विकल्प चुन सकते हैं।
आपको हर महीने कितना पैसा जमा करना होगा, यह आपकी उम्र और चुनी गई पेंशन पर निर्भर करता है। 18 से 40 साल की उम्र के भारतीय नागरिक इसमें शामिल हो सकते हैं। इसके लिए आधार से जुड़ा बैंक खाता होना जरूरी है। योजना में कम से कम 20 साल तक पैसा जमा करना होता है और रकम सीधे बैंक खाते से कटती रहती है।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली पेंशन पहले से तय होती है। यानी आपको पहले से पता रहता है कि 60 साल के बाद हर महीने कितनी रकम मिलेगी।
National Pension System (NPS) क्या है?
NPS भी रिटायरमेंट के लिए बनाई गई योजना है, लेकिन यह APY से काफी अलग है। इसमें आपका पैसा शेयर बाजार, कॉरपोरेट बॉन्ड और सरकारी बॉन्ड जैसी जगहों पर लगाया जाता है। इसलिए इसमें मिलने वाला रिटर्न बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करता है।
18 से 70 साल की उम्र के भारतीय नागरिक और NRI इसमें निवेश कर सकते हैं। NPS में आपको यह आजादी मिलती है कि कितना पैसा लगाना है और किस तरह के निवेश में लगाना है। यही वजह है कि नौकरीपेशा लोगों, प्रोफेशनल्स और लंबे समय में बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाने वालों के बीच यह काफी लोकप्रिय है। हालांकि इसमें किसी तय पेंशन की गारंटी नहीं होती।
दोनों योजनाओं में सबसे बड़ा फर्क क्या है?
पेंशन बनाम रिटर्न: APY में 60 साल के बाद 1,000 रुपये से 5,000 रुपये तक की तय मासिक पेंशन मिलती है। वहीं NPS में पेंशन पहले से तय नहीं होती। रिटायरमेंट तक कितना फंड जमा होता है और उस समय क्या विकल्प चुना जाता है, उसी के आधार पर आय तय होती है।
निवेश सीमा : APY सिर्फ 18 से 40 साल की उम्र के भारतीय नागरिकों के लिए है। NPS में 18 से 70 साल तक के भारतीय नागरिक और NRI भी निवेश कर सकते हैं।
पैसा जमा करने के नियम : APY में आपकी उम्र और चुनी गई पेंशन के हिसाब से तय रकम जमा करनी होती है। वहीं NPS में आप अपनी सुविधा के हिसाब से रकम जमा कर सकते हैं। इसमें ज्यादा लचीलापन मिलता है।
टैक्स का फायदा : NPS में टैक्स बचाने के कई फायदे मिलते हैं। यही वजह है कि नौकरीपेशा लोगों के बीच यह काफी लोकप्रिय है। APY में भी टैक्स लाभ मिल सकता है, लेकिन इसकी सबसे बड़ी खासियत तय पेंशन है।
सरकारी मदद : APY की शुरुआत के समय कुछ पात्र लोगों के लिए सरकार की तरफ से योगदान की सुविधा भी दी गई थी। NPS में व्यक्तिगत निवेशकों को सरकार की तरफ से कोई योगदान नहीं मिलता।
आपके लिए कौन सी योजना सही है?
अगर आप बिना जोखिम के तय पेंशन चाहते हैं और यह जानना चाहते हैं कि रिटायरमेंट के बाद हर महीने कितनी रकम मिलेगी, तो APY बेहतर विकल्प हो सकती है। वहीं अगर आपका लक्ष्य बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाना है और आप बाजार से जुड़े निवेश को लेकर सहज हैं, तो NPS ज्यादा बेहतर विकल्प माना जाता है।
आसान शब्दों में कहें तो, तय पेंशन के लिए APY और बड़ा रिटायरमेंट फंड बनाने के लिए NPS को ज्यादा सही माना जाता है। कौन सी योजना आपके लिए बेहतर है, यह आपकी उम्र, कमाई, जरूरत और जोखिम लेने की क्षमता पर निर्भर करता है।
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