SCSS में निवेश से हर महीने ₹17000 कमा सकते हैं सीनियर सिटीजन, समझिए ब्याज और रिटर्न का पूरा कैलकुलेशन

SCSS में निवेश करके हर महीने 17 हजार रुपये की नियमित कमाई की जा सकती है? जानिए कितनी रकम निवेश करनी होगी, कितना मिलेगा रिटर्न, 5 साल में कितनी रकम बनेगी और इस योजना के टैक्स नियम क्या हैं।

अपडेटेड Jun 04, 2026 पर 3:39 PM
SCSS रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए Senior Citizen Savings Scheme (SCSS) रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई के लिए सबसे लोकप्रिय सरकारी योजनाओं में से एक है। इसमें शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं पड़ता। आपको तय ब्याज मिलता है और समय-समय पर पैसा खाते में आता रहता है। साथ ही, आप टैक्स छूट का लाभ भी उठा सकते हैं।

SCSS में कितना पैसा लगा सकते हैं?

इंडिया पोस्ट के नियमों के मुताबिक, एक व्यक्ति SCSS में अधिकतम 30 लाख रुपये लगा सकता है। यानी पति-पत्नी मिलकर कुल 60 लाख रुपये तक लगा सकते हैं।


अगर आप अकेले या अपने जीवनसाथी के साथ मिलकर SCSS में 25 लाख रुपये लगाते हैं, तो उन्हें हर तीन महीने में ब्याज मिलेगा। उसी के आधार पर यह भी समझा जा सकता है कि हर महीने औसतन कितनी कमाई बनेगी।

50 लाख रुपये पर कितनी होगी कमाई?

डिटेल रकम
निवेश की रकम ₹25,00,000
ब्याज दर 8.2% सालाना
सालभर में मिलने वाला ब्याज ₹2,05,000
हर 3 महीने में मिलने वाला ब्याज ₹51,250
औसतन मासिक कमाई ₹17,083
5 साल में कुल ब्याज ₹10,25,000
मैच्योरिटी पर वापस मिलने वाली मूल रकम ₹25,00,000
5 साल में कुल मिलने वाली रकम (मूल रकम + ब्याज) ₹35,25,000

सोर्स: Cleartax

यह हिसाब 8.2% सालाना ब्याज दर के आधार पर लगाया गया है। माना गया है कि पैसा पूरे 5 साल तक जमा रहेगा और बीच में नहीं निकाला जाएगा। इसमें TDS और इनकम टैक्स को शामिल नहीं किया गया है।

25 लाख रुपये पर सालभर में 2.05 लाख रुपये ब्याज मिलेगा। हर तीन महीने में 51,250 रुपये खाते में आएंगे। अगर इसे महीने के हिसाब से देखें, तो औसतन करीब 17,083 रुपये की कमाई बनती है। 5 साल में कुल 10.25 लाख रुपये ब्याज मिलेगा। मैच्योरिटी पर 25 लाख रुपये की जमा रकम भी वापस मिल जाएगी। यानी 5 साल में कुल 35.25 लाख रुपये मिलेंगे।

टैक्स के नियम क्या हैं?

पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वालों को SCSS में निवेश पर धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिल सकती है।

अगर SCSS और उसी बैंक या पोस्ट ऑफिस में मौजूद दूसरी बचत योजनाओं से मिलने वाला कुल ब्याज एक साल में 50,000 रुपये से ज्यादा हो जाता है, तो TDS कट सकता है। PAN देने पर आमतौर पर 10% और PAN नहीं होने पर 20% TDS काटा जाता है। जिन वरिष्ठ नागरिकों की टैक्स देनदारी नहीं बनती, वे Form 15H जमा करके TDS कटने से बच सकते हैं।

क्या SCSS अभी भी अच्छा विकल्प है?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि SCSS आज भी वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे आकर्षक फिक्स्ड इनकम योजनाओं में से एक है। इसकी सबसे बड़ी वजह सरकार की गारंटी, तय ब्याज और नियमित कमाई है।

कुछ स्मॉल फाइनेंस बैंक इससे ज्यादा ब्याज दे सकते हैं। लेकिन उनमें जोखिम भी ज्यादा होता है। SCSS में पैसा ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। यही वजह है कि रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई चाहने वाले लोग इसे पसंद करते हैं।

क्या पूरा पैसा SCSS में लगाना चाहिए?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, SCSS रिटायरमेंट के बाद नियमित कमाई के लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। लेकिन पूरा पैसा सिर्फ इसी योजना में लगाना सही नहीं माना जाता।

अंतिम फैसला इस बात पर निर्भर करता है कि आपको हर महीने कितने पैसों की जरूरत है, कितना जोखिम ले सकते हैं और आपके पास कुल कितना रिटायरमेंट फंड है। अलग-अलग जगह पैसा लगाने से बेहतर संतुलन बना रहता है।

5 साल बाद क्या करना चाहिए?

एक्सपर्ट्स के मुताबिक, 5 साल बाद पैसा फिर से SCSS में लगाना है या किसी दूसरे विकल्प में, इसका फैसला उस समय की ब्याज दर और अपनी जरूरतों को देखकर करना चाहिए। अगर उस समय भी SCSS अच्छा रिटर्न दे रही हो और नियमित कमाई की जरूरत हो, तो इसमें दोबारा पैसा लगाया जा सकता है।

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