8th Pay Commission: ओल्ड पेंशन स्कीम फिर से होगी लागू? क्या 8वां वेतन आयोग सरकारी कर्मचारियों को देगा खुशखबरी

8th Pay Commission: क्या आठवें वेतन आयोग में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू होगी? सरकारी कर्मचारियों की 8th पे कमीशन से यही मांग है कि इसमें पुराने पेंशन स्कीम को फिर लागू किया जाए। इसे लेकर कर्मचारी एसोसिएशन सरकार और आयोग दोनों को लेटर लिखा है

अपडेटेड Apr 06, 2026 पर 4:36 PM
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8th Pay Commission: क्या आठवें वेतन आयोग में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू होगी?

8th Pay Commission: क्या आठवें वेतन आयोग में ओल्ड पेंशन स्कीम लागू होगी? सरकारी कर्मचारियों की 8th पे कमीशन से यही मांग है कि इसमें पुराने पेंशन स्कीम को फिर लागू किया जाए। इसे लेकर कर्मचारी एसोसिएशन सरकार और आयोग दोनों को लेटर लिखा है। लेटर में कर्मचारियों ने अपनी कई मांग रखी हैं जिनमें सैलरी, पेंशन और भत्ते शामिल हैं।

क्या है पूरा मामला?

1 अप्रैल 2026 को भेजे गए पत्र में स्टाफ साइड ने कहा कि अभी जो सुझाव भेजने का तरीका मेमोरेंडम सिस्टम है। वह काफी सीमित है। इससे कर्मचारी और संगठन अपनी बात ठीक से नहीं रख पा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर प्रोसेस को फ्लेक्सिबल और डिटेल में जवाब देने के योग्य बनाया जाए। ताकि, आयोग को बेहतर सुझाव मिलें।


क्या-क्या मांगें रखी गईं?

1. शब्द लिमिट बढ़ाने की मांग

अभी हर विषय पर करीब 500 शब्द की लिमिट है, जिसे बढ़ाकर 1000 शब्द करने की मांग की गई है ताकि कर्मचारी अपनी बात विस्तार से रख सकें।

2. सवालों का बेहतर फॉर्मेट

मौजूदा फॉर्मेट में सब प्रश्नों का जवाब देना आसान नहीं है। इसलिए सुझाव दिया गया है कि हर सवाल के लिए अलग और स्पष्ट जगह हो।

3. ओल्ड पेंशन सिस्टम लागू करने की मांग

सबसे बड़ा मुद्दा पेंशन को लेकर उठाया गया है। स्टाफ साइड ने नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) और यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) पर चिंता जताते हुए पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करने की मांग दोहराई है। उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारियों को योगदान आधारित पेंशन सिस्टम में नहीं होना चाहिए।

4. पेंशनर्स के लिए अलग सेक्शन

पेंशनर्स की समस्याओं जैसे पेंशन रिवीजन, समानता और अन्य सुविधाओं के लिए अलग सेक्शन बनाने की बात कही गई है।

5. महिला कर्मचारियों के लिए सुविधा

महिला कर्मचारियों के लिए अलग से प्रावधान की मांग की गई है, जिसमें सुरक्षा, मैटरनिटी बेनिफिट, मेंस्ट्रुअल लीव और चाइल्ड केयर लीव जैसे मुद्दे शामिल हैं।

6. डिपार्टमेंटल मुद्दों पर फोकस

हर विभाग की अपनी समस्याएं होती हैं, इसलिए विभाग-विशेष सुझाव देने की सुविधा भी मांगी गई है।

7. समय सीमा बढ़ाने की मांग

सुझाव भेजने की आखिरी तारीख 31 मई 2026 तक बढ़ाने की मांग की गई है ताकि सभी संगठन सही तरीके से विचार-विमर्श कर सकें।

8. फाइल साइज और सबमिशन तरीके में बदलाव

अभी फाइल अपलोड की लिमिट 2MB है, जिसे बढ़ाकर 10MB करने की मांग की गई है। साथ ही ऑनलाइन के अलावा ईमेल और ऑफलाइन तरीके से भी सुझाव भेजने की सुविधा देने की बात कही गई है।

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