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₹1 करोड़ का फंड है टारगेट? जानिए 5, 10 और 15 साल देरी पर कितना ज्यादा करना होगा निवेश

₹1 करोड़ का टारगेट आसान लग सकता है, लेकिन देरी इसे महंगा बना देती है। जानिए 5, 10 और 15 साल देर से शुरुआत करने पर कितनी बढ़ जाती है SIP और कैसे बदलती है आपकी पूरी निवेश रणनीति।

Suneel Kumarअपडेटेड Apr 28, 2026 पर 5:00 PM
₹1 करोड़ का फंड है टारगेट? जानिए 5, 10 और 15 साल देरी पर कितना ज्यादा करना होगा निवेश
अगर जल्दी निवेश शुरू करते हैं तो कंपाउंडिंग आपका सबसे बड़ा साथी बनती है।

रिटायरमेंट के लिए ₹1 करोड़ का टारगेट सुनते ही अक्सर लगता है कि यह बहुत बड़ा सपना है। लेकिन, हकीकत में इतना मुश्किल भी नहीं। बस सवाल यह है कि आप निवेश की शुरुआत कब करते हैं।

अगर जल्दी शुरू करते हैं तो कंपाउंडिंग आपका सबसे बड़ा साथी बनती है। लेकिन, जितना देर करेंगे, परेशानी और निवेश की रकम उतनी ही बढ़ती जाएगी। क्योंकि फिर कंपाउंडिंग आपके खिलाफ काम करने लगती है। ऐसे में समझना जरूरी है कि देरी की कीमत आखिर कितनी भारी पड़ती है।

जल्दी शुरुआत करने के फायदे

अब मान लीजिए आपका टारगेट 1 करोड़ रुपये है और आप औसतन 12% सालाना रिटर्न मानकर चल रहे हैं। जैसा कि इक्विटी म्यूचुअल फंड में लंबे समय में देखा जाता है। अगर कोई शख्स 20 साल की उम्र में निवेश शुरू करता है, तो वो करीब 25 साल में अपने लक्ष्य तक पहुंच सकता है।

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