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पर्सनल लोन या ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी, दोनों में से कौन आपके लिए ज्यादा फायदेमंद?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि पर्सनल लोन और ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी एक तरह के लोन हैं। इसलिए इसका फायदा उठाने में पूरी सावधानी बरतनी चाहिए। अगर किसी व्यक्ति को बार-बार पैसे लेने की जरूरत पड़ती है तो वह ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी के बारे में सोच सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 17, 2024 पर 2:02 PM
पर्सनल लोन या ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी, दोनों में से कौन आपके लिए ज्यादा फायदेमंद?
पर्सनल लोन में रीपेमेंट स्ट्रक्चर्ड होता है। आपकी EMI पहले से तय होती है।

अगर आपके सेविंग्स बैंक अकाउंट में पैसे नहीं हैं और अचानक पैसे की जरूरत पड़ गई है तो फिर कर्ज लेना मजबूरी हो जाती है। कई लोग दोस्त या रिश्तेदारों से पैसे उधार लेना ठीक नहीं मानते। ऐसे में उनके लिए पर्सनल लोन या ओवरड्राफ्ट (OD) फैसिलिटी लेना एकमात्र विकल्प होता है। सवाल है कि दोनों में से कौन आपके लिए फायदेमंद है? पर्सनल लोन नया नहीं है। आप बैंक या एनबीएफसी से पर्सनल लोन ले सकते हैं। इसका इंटरेस्ट रेट फिक्स्ड होता है, जिससे आपको अपनी EMI के बारे में पता होता है। उधर, ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी भी पैसे की जरूरत पूरी करने के लिए आसान विकल्प है। यह फैसिलिटी बैंक ग्राहकों को ऑफर करते हैं।

ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी क्या है?

बैंक जब ग्राहक को ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी देता है तो वह उसे एक क्रेडिट लाइन ऑफर करता है। इसका इंटरेस्ट रेट फिक्स्ड होता है। क्रेडिट लाइन की एक लिमिट होती है। इस लिमिट तक आप बैंक से तय इंटरेस्ट रेट पर पैसे उधार ले सकते हैं। उधर, पर्सलन लोन में बैंक आपको उतना ही पैसा देता है, जितना के लिए आप अप्लाई करते हैं। दोनों में सबसे बड़ा फर्क यह है कि ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी में आप मैक्सिमम लिमिट तक पैसे एक बार या कई बार में ले सकते हैं।

मान लीजिए आपके पास 5 लाख रुपये तक की लिमिट वाली ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी है। आपके पास बैंक से 5 लाख रुपये तक कोई अमाउंट बतौर लोन लेने का विकल्प है। आप 1 लाख, 3 लाख या यहां तक कि 10,000 रुपये भी ले सकते हैं। दूसरा यह कि आप जब चाहे यह पैसा बैंक से ले सकते हैं। पहली नजर में ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी ग्राहक के लिए अट्रैक्टिव लगती है। लेकिन दोनों में काफी अंतर है।

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