अक्सर लोग PAN यानी पर्मानेंट अकाउंट नंबर (Permanent Account Number) को हल्के में लेते हैं। ऐसा करना महंगा पड़ सकता है। पैन से जुड़े नियम बहुत सख्त हैं। इसकी वजह यह है कि पैन ऐसा नंबर है, जिसके जरिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट आपके सभी फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन का ट्रैक रखता है। किसी इंडिविजुअल टैक्सपेयर या कंपनी की टैक्स लायबिलिटी के एसेसमेंट में भी इसका बड़ा रोल है। पैन की शुरुआत के बाद से टैक्स चोरी के मामलों में कमी आई है। आइए अब आपको बताते हैं कि अपने पैन कार्ड को संभालकर रखना क्यों जरूरी है।
पैन चोरी या गुम होने पर पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएं
सबसे पहले तो यह जान लेना जरूरी है कि अगर आपका पैन चोरी हो जाता है या दूसरे के हाथ लग जाता है तो इसका दुरुपयोग हो सकता है। आए दिन ऐसे मामले सुनने में आते हैं जिसमें फ्रॉड करने वाले चोरी के पैन का इस्तेमाल करते हैं। कई बार गैरकानूनी ट्रांजेक्शन के लिए चोरी के पैन का इस्तेमाल किया जाता है। जांच के बाद पता चलता है कि पैन होल्डर की इनकम इतनी कम है कि वह बड़ा ट्रांजेक्शन नहीं कर सकता। फ्रॉड करने वाले ज्यादातर ऐसे लोगों के पैन का इस्तेमाल करते हैं, जिनकी इनकम काफी कम है। इसलिए अपने वॉलेट में पैन कार्ड रखने से बचें। अगर आपका पैन कार्ड गुम या चोरी हो जाता है तो इसकी सूचना पुलिस को जरूर दें। इससे पैन के दुरुपयोग की स्थिति में आप मुश्किल में फंसने से बच जाएंगे।
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एक से ज्यादा पैन रखना गैरकानूनी है
यह जान लेना जरूरी है कि एक व्यक्ति के पास सिर्फ एक पैन होना चाहिए। अगर किसी व्यक्ति के पास एक से ज्यादा पैन है तो इनकम टैक्स डिपार्टमेंट उस पर पेनाल्टी लगा सकता है। पहले डिपार्टमेंट एक पैन को कैंसिल करेगा। फिर वह पेनाल्टी लगाएगा। पैन में गलत जानकारी होने पर बैंक आपका अकाउंट फ्रीज कर सकता है। इसलिए अगर आपके पैन में अनजाने में कोई गलत जानकारी दर्ज हो गई है तो आपको उसे ठीक करा लेना चाहिए। अगर गलती से आपके पास दो पैन कार्ड है तो एक को आपको इनकम टैक्स डिपार्टमेंट को वापस कर देना चाहिए।
गलत पैन नंबर डालने पर लग सकती है पेनाल्टी
आपको फाइनेंशियल या किसी दूसरे तरह के ट्रांजेक्शन में पैन नंबर भरने में भी सावधानी बरतने की जरूरत है। गलत पैन देने पर इनकम टैक्स डिपार्टमेंट जुर्माना लगा सकता है। यह जुर्माना 10,000 रुपये तक हो सकता है। खासकर इनकम टैक्स रिटर्न फाइलिंग में आपको अपने पैन नबंर का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। अच्छा होगा कि आईटीआर फॉर्म सब्मिट करने से पहले एक बार पैन नंबर को चेक कर लिया जाए।