PPFAS Mutual Fund: मशहूर म्यूचुअल फंड हाउस- पराग पारीख फाइनेंशियल एडवाइजरी प्राइवेट लिमिटेड (PPFAS) ने अपने निवेशकों के लिए जरूरी अलर्ट जारी किया है। इसके मुताबिक, 1 जुलाई 2025 से बिना पूरी नॉमिनी डिटेल या वैलिड ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन के नए इन्वेस्टमेंट एप्लीकेशन को रिजेक्ट कर दिया जाएगा। ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन का मतलब है कि निवेश अपने म्यूचुअल फंड निवेश में कोई नॉमिनी नियुक्त नहीं करना चाहता।
नॉमिनी या ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन क्यों जरूरी?
नॉमिनी या ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन निवेशक के न होने की स्थिति में क्लेम को सही वारिस तक पहुंचाने के लिए जरूरी है। इससे कानूनी जटिलताओं और उत्तराधिकार विवादों से बचा जा सकता है। अगर कोई नॉमिनी नहीं जोड़ा गया और न ही ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन दिया गया, तो 1 जुलाई 2025 से ऐसे निवेश आवेदन रिजेक्ट कर दिए जाएंगे।
SEBI और AMFI (Association of Mutual Funds in India) ने निवेशकों के हितों की रक्षा और पारदर्शिता के लिए इसे अनिवार्य किया है। PPFAS ने अपने ग्राहकों को ईमेल के जरिए जानकारी दी कि यह कदम AMFI और SEBI के नए दिशानिर्देशों के तहत लिया जा रहा है।
PPFAS ने साफ किया है कि निवेशक को नॉमिनी या ऑप्ट-आउट फॉर्म खुद भरकर जमा करना होगा। इसके साथ ही, कुछ इकाइयों को नॉमिनी नहीं माना जाएगा:
कौन-सी जानकारी देना जरूरी है?
ईमेल के अनुसार, निवेशकों को नॉमिनी से जुड़ी कुछ अहम जानकारियां देना अनिवार्य है। इसमें नॉमिनी का नाम, पहचान से जुड़ा कोई एक दस्तावेज जैसे पैन नंबर, ड्राइविंग लाइसेंस नंबर या आधार के आखिरी चार अंक शामिल होने चाहिए।
अगर निवेशक NRI, OCI या PIO श्रेणी में आता है, तो पासपोर्ट नंबर स्वीकार्य होगा। इसके अलावा, नॉमिनी की कॉन्टैक्ट डिटेल जैसे रेजिडेंशियल एड्रेस, ईमेल और मोबाइल या टेलीफोन नंबर भी देना जरूरी है। उसका निवेशक से संबंध भी बताना होगा। साथ ही, नॉमिनी नाबालिग है, तो उसकी जन्मतिथि भी देनी होगी।
कैसे अपडेट करें नॉमिनी डिटेल्स?
निवेशक अपने नॉमिनी डिटेल या ऑप्ट-आउट डिक्लेरेशन को PPFAS Mutual Fund की SelfInvest वेबसाइट पर जाकर अपडेट कर सकते हैं। यह प्रक्रिया CAMS Online, रजिस्टर्ड म्यूचुअल फंड डिस्ट्रीब्यूटर्स या निकटतम PPFAS शाखा में फिजिकल फॉर्म जमा करके भी पूरी की जा सकती है।