सोचिए, एक दिन अचानक आपके घर में आग लग जाए या भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से घर को भारी नुकसान पहुंच जाए। ऐसी स्थिति में सबसे बड़ा सवाल यही होगा कि क्या आपका इंश्योरेंस इस नुकसान की भरपाई करेगा? हाल ही में फिलीपींस में आए भूकंप और नोएडा के एक हाईराइज अपार्टमेंट में लगी आग ने एक बार फिर लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि उनका घर वास्तव में कितना सेफ है। कई लोग मानते हैं कि होम लोन लेते समय मिला इंश्योरेंस हर तरह के नुकसान को कवर करता है, लेकिन हकीकत अक्सर इससे अलग होती है।
फिलीपींस में हाल ही में 7.8 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई। इस आपदा में कम से कम 37 लोगों की जान चली गई और कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं। वहीं भारत में भी पिछले दिनों नोएडा के सेक्टर-74 स्थित एक हाईराइज सोसायटी में भीषण आग लग गई थी। इससे पहले दिल्ली के मालवीय नगर में भी एक होटल में आग लगने की घटना सामने आई थी।
इन घटनाओं के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि अगर उनके घर के साथ ऐसी कोई दुर्घटना हो जाए, तो क्या इंश्योरेंस कंपनी पूरा नुकसान चुकाएगी?
क्या होम लोन के साथ मिलने वाला इंश्योरेंस काफी है?
अक्सर लोग सोचते हैं कि जब उन्होंने होम लोन लिया है तो बैंक ने जो इंश्योरेंस कराया है, वही काफी है। लेकिन इंश्योरेंस एक्सपर्ट का कहना है कि ऐसा हमेशा नहीं होता। बैंक आमतौर पर अपने हितों की सुरक्षा के लिए घर का इंश्योरेंस करवाते हैं, ताकि किसी दुर्घटना में संपत्ति को नुकसान होने पर लोन का अमाउंट सुरक्षित रहे। हालांकि यह इंश्योरेंस हर बार घर के अंदर मौजूद सामान को कवर नहीं करता।
यानी अगर आग लगने से घर में रखा फर्नीचर, टीवी, फ्रिज, एसी, लैपटॉप या अन्य कीमती सामान जल जाए, तो हो सकता है कि उसका पूरा मुआवजा न मिले।
क्यों जरूरी है कॉम्प्रिहेंसिव होम इंश्योरेंस?
फायर इंश्योरेंस की जगह कॉम्प्रिहेंसिव होम इंश्योरेंस लेना ज्यादा बेहतर है। ऐसी पॉलिसियां न सिर्फ घर की इमारत बल्कि उसके अंदर रखे सामान को भी कवर करती हैं। भारतीय इंश्योरेंस नियामक एवं विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने भारत गृह रक्षा जैसी योजनाएं भी शुरू की हैं, जो घर और घरेलू सामान दोनों को सुरक्षा देती हैं।
होम इंश्योरेंस में क्या-क्या मिलता है कवर?
इसके अलावा कई पॉलिसियां घर में मौजूद इलेक्ट्रॉनिक सामान, फर्नीचर, आभूषण और अन्य कीमती वस्तुओं को भी कवर करती हैं। कुछ योजनाओं में यह सुविधा भी होती है कि यदि घर रहने लायक नहीं बचता, तो अस्थायी रहने का खर्च भी इंश्योरेंस कंपनी वहन करती है।
कितना महंगा है होम इंश्योरेंस?
कई लोग यह सोचकर होम इंश्योरेंस नहीं लेते कि इसका प्रीमियम बहुत ज्यादा होगा। लेकिन एक्सपर्ट के अनुसार होम इंश्योरेंस सस्ता होता है और कम प्रीमियम में अच्छा कवर मिल सकता है। प्रीमियम का अमाउंट घर के स्थान, कंस्ट्रक्शन कॉस्ट, कवर का अमाउंट और चुनी गई सुविधाओं पर निर्भर करता है। नोएडा और दिल्ली की हालिया आग की घटनाएं हों या फिलीपींस का विनाशकारी भूकंप, ऐसे हादसे यह याद दिलाते हैं कि मुश्किल कभी भी आ सकती है।