प्राइवेट और सरकारी सेक्टर में नौकरी करने वाले नौकरीपेशा लोगों को जल्द ही अपने नौकरी के घंटे, ग्रेच्युटी, पीएफ और वेतन आदि में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कर्मचारियों की ग्रेच्युटी (Gratuity ) और पीएफ (PF) में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। वहीं, घर आने वाली सैलेरी कम हो सकती है। सरकार के लेबर कोड के नये नियमों से कंपिनयों की बैलेंस शीट भी प्रभावित होगी। इसकी वजह है पिछले साल संसद में पास किए गए तीन मजदूरी संहिता विधेयक के नियम। सरकार नए लेबर कोड में नियमों को इस साल 1 अप्रैल से लागू करना चाहती थी लेकिन राज्यों की तैयारी न होने और कंपनियों को एचआर पॉलिसी बदलने के लिए अधिक समय देने के लिए इन्हें फिलहाल टाल दिया गया। हालांकि, इसके जल्द लागू होने की उम्मीद है।
