बिहार में गरीब और वंचित परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने और ग्रीन एनर्जी से जोड़ने के लिए बिहार सरकार अब तक का सबसे बड़ा अभियान शुरू करने जा रही है। राज्य के सभी 38 जिलों में 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' का दायरा बढ़ाते हुए अब 58 लाख बीपीएल (BPL) परिवारों को इसके दायरे में लाया गया है। बिहार सरकार ने राज्य में स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2.5 लाख कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं के घरों की छतों पर सौर ऊर्जा संयंत्र लगाने की शुरुआत की।
2.5 लाख घरों पर मुफ्त लगेंगे रूफ टॉप सोलर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को स्वच्छ, सस्ती और लंबे समय तक उपयोगी ऊर्जा उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री ने किया बड़ा ऐलान
बिहार के मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2005 तक बिहार में केवल 17 लाख बिजली कनेक्शन थे, लेकिन अब यह संख्या बढ़कर 2.22 करोड़ हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली दे रही है। उनके अनुसार, यह पहल पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'महिला संवाद' कार्यक्रम से मिले सुझावों के आधार पर शुरू की गई थी।मुख्यमंत्री ने दावा किया कि बिहार बिजली के क्षेत्र में देश का सबसे सस्ता और सबसे अधिक सब्सिडी देने वाला राज्य है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का क्षेत्रफल और आबादी बिहार से काफी अधिक है, लेकिन वहां की सरकार बिजली उपभोक्ताओं को लगभग 6,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी देती है, जबकि बिहार सरकार अपने उपभोक्ताओं को इससे कहीं अधिक राहत प्रदान कर रही है।
सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार बिजली उपभोक्ताओं को लगभग 23,000 करोड़ रुपये की सब्सिडी दे रही है। उन्होंने बताया कि राज्य का वार्षिक बजट करीब 3.47 लाख करोड़ रुपये है, जबकि बिहार की अपनी आय लगभग 60,000 से 70,000 करोड़ रुपये के बीच है। ऐसे में बिजली सब्सिडी पर होने वाला खर्च सरकार के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 तक बिहार को केवल 400 से 500 मेगावाट बिजली मिलती थी, लेकिन अब राज्य में बिजली की मांग और खपत बढ़कर करीब 9,000 मेगावाट तक पहुंच गई है। यह बिजली क्षेत्र में हुए बड़े बदलाव को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सरकार के एक वर्ष का कार्यकाल 20 नवंबर 2026 को पूरा होगा। उस समय तक ढाई लाख परिवारों के घरों के छत पर सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य पूरा करें। अगले 31 मार्च तक केंद्र सरकार ने 4,82,000 घरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा है। PM सूर्य घर योजना का लाभ सिर्फ भारत के नागरिकों को ही मिलेगा। घर की छत पर सोलर पैनल लगाने की जगह होनी चाहिए। परिवार पहले से ही सोलर पैनल से जुड़ी किसी योजना का लाभ न ले रहा हो.घर में वैध बिजली का कनेक्शन होना चाहिए.मकान या फ्लैट में रहने वाले या फिर छोटे बिजनेस संस्थान भी लाभ उठा सकते हैं। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोग इस योजना के लिए पात्र हैं।