Post Office TD vs Bank FD: पोस्ट ऑफिस या बैंक FD, किसमें निवेश पर मिलेगा ज्यादा फायदा? समझिए पूरा हिसाब

Post Office TD vs Bank FD: पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट और बैंक FD दोनों सुरक्षित निवेश के विकल्प हैं। लेकिन ब्याज, सुरक्षा, टैक्स छूट और पैसे निकालने के नियम अलग हैं। निवेश से पहले जानिए किस स्कीम में आपको ज्यादा फायदा मिल सकता है।

अपडेटेड Jun 30, 2026 पर 3:56 PM
अगर पैसों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है, तो पोस्ट ऑफिस TD आगे है।

Post Office TD vs Bank FD: अगर आप बिना जोखिम के तय रिटर्न चाहते हैं, तो पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट (TD) और बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) दोनों अच्छे विकल्प हैं। दोनों में आपका पैसा सुरक्षित रहता है और तय ब्याज मिलता है।

लेकिन सुरक्षा, ब्याज, पैसे निकालने की सुविधा और टैक्स बेनिफिट्स जैसे मामलों में दोनों के बीच बड़ा अंतर है। ऐसे में निवेश से पहले यह जानना जरूरी है कि आपके लिए कौन-सा विकल्प ज्यादा सही रहेगा।

सुरक्षा के मामले में कौन बेहतर?


अगर पैसों की सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता है, तो पोस्ट ऑफिस TD आगे है। इसकी वजह यह है कि इस पर सरकार की गारंटी होती है। यानी आपका मूलधन और ब्याज, दोनों पूरी तरह सुरक्षित रहते हैं।

वहीं, बैंक FD पर डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) का बीमा मिलता है। लेकिन इसकी सीमा 5 लाख रुपये तक ही है। इसमें मूलधन और ब्याज दोनों शामिल होते हैं। अगर किसी बैंक में आपकी जमा राशि इससे ज्यादा है, तो अतिरिक्त रकम पर बीमा नहीं मिलता।

कहां मिल रहा है ज्यादा ब्याज?

पोस्ट ऑफिस TD की ब्याज दरें सरकार हर तीन महीने में तय करती है। एक बार जिस ब्याज दर पर निवेश कर दिया, वही दर पूरी अवधि तक लागू रहती है।

मौजूदा पोस्ट ऑफिस TD ब्याज दरें

अवधि ब्याज दर
1 साल 6.90%
2 साल 7.00%
3 साल 7.10%
5 साल 7.50%

वहीं, बैंक FD की ब्याज दरें हर बैंक में अलग-अलग होती हैं। ये समय-समय पर भी बदलती रहती हैं। फिलहाल कई प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंक 7.5% से 8.10% तक ब्याज दे रहे हैं। कई लोग सुरक्षा के लिहाज सरकारी बैंकों को भी प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, उनकी ब्याज दर प्राइवेट और स्मॉल फाइनेंस बैंकों के मुकाबले कम रहती है।

पैसे निकालने की सुविधा किसमें बेहतर?

अगर आपको बीच में पैसे की जरूरत पड़ सकती है, तो बैंक FD ज्यादा सुविधाजनक है। बैंकों में आप 7 दिन से लेकर 10 साल तक की FD करा सकते हैं। जरूरत पड़ने पर मैच्योरिटी से पहले FD तोड़ भी सकते हैं। हालांकि, इसके लिए आमतौर पर 0.5% से 1% तक ब्याज का जुर्माना देना पड़ता है। कई बैंक FD के बदले लोन की सुविधा भी देते हैं।

वहीं, पोस्ट ऑफिस TD में पहले 6 महीने तक पैसा नहीं निकाला जा सकता। अगर छह महीने बाद लेकिन मैच्योरिटी से पहले खाता बंद करते हैं, तो कम ब्याज मिलता है। इससे आपका कुल रिटर्न घट जाता है।

टैक्स और सीनियर सिटीजन को क्या फायदा?

अगर आप टैक्स बचाना चाहते हैं, तो 5 साल का पोस्ट ऑफिस TD और 5 साल का टैक्स सेवर बैंक FD, दोनों पर आयकर अधिनियम की धारा 80C के तहत 1.5 लाख रुपये तक की टैक्स छूट मिलती है।

हालांकि, सीनियर सिटीजन के लिए बैंक FD ज्यादा फायदेमंद साबित हो सकती है। ज्यादातर बैंक सामान्य ग्राहकों के मुकाबले 0.25% से 0.75% तक अतिरिक्त ब्याज देते हैं। पोस्ट ऑफिस TD में वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग से कोई अतिरिक्त ब्याज नहीं मिलता।

आखिर किसमें निवेश करना चाहिए?

अगर आपकी पहली प्राथमिकता पूरी सुरक्षा है, तो पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट बेहतर विकल्प हो सकता है। क्योंकि इस पर सरकार की गारंटी होती है। लेकिन अगर आप ज्यादा ब्याज, पैसे निकालने में आसानी, निवेश अवधि चुनने की आजादी और सीनियर सिटीजन के लिए अतिरिक्त ब्याज चाहते हैं, तो बैंक FD बेहतर साबित हो सकती है। कुछ मामलों में FD का ब्याज पोस्ट ऑफिस के मुकाबले ज्यादा होता है।

फाइनेंशियल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सिर्फ ब्याज दर देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। सुरक्षा, लिक्विडिटी, टैक्स बेनिफिट और निवेश की अवधि जैसी सभी बातों को ध्यान में रखकर फैसला लें। चाहें तो दोनों विकल्पों में पैसा लगाकर सुरक्षा और बेहतर रिटर्न के बीच संतुलन भी बना सकते हैं।

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