आज के दौर में महंगाई जिस रफ्तार से बढ़ रही है, उसे देखते हुए रिटायरमेंट की प्लानिंग जवानी में ही शुरू कर देना समझदारी है। हर कोई चाहता है कि जब वह काम करना बंद करे, तो उसके पास एक मोटा फंड हो और महीने की नियमित इनकम बनी रहे। लेकिन जब निवेश की बात आती है, तो अक्सर लोग PPF, EPF और NPS के बीच उलझ कर रह जाते हैं।
