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PPF Vs NPS: रिटायरमेंट के लिए क्या है बेहतर? जानिए दोनों के फायदे और नुकसान

PPF Vs NPS: यदि आप अपने भविष्य को वित्तीय रूप से सुरक्षित करना चाहते हैं, तो आपको फंड्स चाहिए होंगे। अगर आप नौकरी करते हैं और ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहते हैं तो पीएफ के अलावा दो और अच्छे ऑप्शन हैं जिनका इस्तेमाल आप अपने रिटायरमेंट की तैयारी के लिए कर सकते हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Apr 13, 2024 पर 8:46 AM
PPF Vs NPS: रिटायरमेंट के लिए क्या है बेहतर? जानिए दोनों के फायदे और नुकसान
पीपीएफ सरकार की बनाई लॉन्ग टर्म सेविंग स्कीम है।

PPF Vs NPS: यदि आप अपने भविष्य को फाइनेंशियली सुरक्षित करना चाहते हैं, तो आपको फंड्स चाहिए होंगे। अगर आप नौकरी करते हैं और ज्यादा जोखिम नहीं लेना चाहते हैं तो पीएफ के अलावा दो और अच्छे ऑप्शन हैं जिनका इस्तेमाल आप अपने रिटायरमेंट की तैयारी के लिए कर सकते हैं। ये ऑप्शन हैं पब्लिक प्रॉविडेंड फंड (PPF) और नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS)। कभी-कभी लोग इस बात को लेकर क्नफ्यूज होते हैं कि वे किन ऑप्शन का चुनाव करें। यहां आपको दोनों के फायदे और नुकसान बता रहे हैं।

पीपीएफ

पीपीएफ सरकार की बनाई लॉन्ग टर्म सेविंग स्कीम है। रिटायरमेंट के लिए पैसे बचाने का यह बेहतर विकल्प माना जाता है। एक्सपर्ट के मुताबिक पीपीएफ को निवेश का सुरक्षित विकल्प माना जा सकता है। इस पर सरकार रिटर्न तय करती है। पीपीएफ में निवेश की रकम की कोई ऊपरी सीमा नहीं है। ये स्कीम 15 साल के लिए है। पीपीएफ खाते में सालाना 500 रुपये से 1.5 लाख रुपये तक निवेश कर सकते हैं। टैक्स सेविंग के लिहाज से पीपीएफ में निवेश करना बेहतर है क्योंकि निवेश की गई रकम और मिलने वाले ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता है। इनकम टैक्स की धारा 80C के अनुसार यह पैसा टैक्स फ्री है। कोई भी व्यक्ति जो भारतीय नागरिक है और 18 वर्ष से अधिक उम्र का है, वह पीपीएफ खाता खोल सकता है और इसमें निवेश कर सकता है।

एनपीएस

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