हर महीने सिर्फ 12500 रुपये के निवेश से करोड़पति बनने का जबर्दस्त फॉर्मूला

पीपीएफ को निवेश का सबसे भरोसेमंद इनवेस्टमेंट ऑप्शन माना जाता है। इसकी वजह यह है कि यह स्कीम सरकार की तरफ से चलाई जाती है। यह फिक्स्ड रिटर्न वाली स्कीम है। इसका मतलब है कि निवेश शुरू करने से पहले इनवेस्टर को पता होता है कि स्कीम मैच्योर करने पर उसे कुल कितने पैसे मिलेंगे

अपडेटेड Jun 30, 2026 पर 5:01 PM
पीपीएफ में एक वित्त वर्ष में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।

कई लोग निवेश में सुरक्षा का ज्यादा ध्यान रखते हैं। हालांकि, ज्यादा रिटर्न के लिए थोड़ा रिस्क जरूरी है। लेकिन, सुरक्षित निवेश से भी लंबी अवधि में बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर कोई युवा नौकरी लगते ही या कमाई शुरू होते ही सिर्फ 12500 रुपये का निवेश हर महीने करना शुरू कर देता है तो सिर्फ 24 साल के निवेश से 1 करोड़ रुपये से ज्यादा फंड तैयार किया जा सकता है।

पीपीएफ के रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर नहीं

पीपीएफ को निवेश का सबसे भरोसेमंद इनवेस्टमेंट ऑप्शन माना जाता है। इसकी वजह यह है कि यह स्कीम सरकार की तरफ से चलाई जाती है। यह फिक्स्ड रिटर्न वाली स्कीम है। इसका मतलब है कि निवेश शुरू करने से पहले इनवेस्टर को पता होता है कि स्कीम मैच्योर करने पर उसे कुल कितने पैसे मिलेंगे। दूसरा, इस स्कीम के रिटर्न पर शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव का भी असर नहीं पड़ता है। इस स्कीम का लंबा ट्रैक रिकॉर्ड है।


एक साल में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये के निवेश पर डिडक्शन की इजाजत

पीपीएफ में एक वित्त वर्ष में मैक्सिमम 1.5 लाख रुपये तक का निवेश कर डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है। हालांकि, यह ध्यान में रखना होगा कि डिडक्शन की यह सुविधा इनकम टैक्स की सिर्फ पुरानी रीजीम में मिलती है। नई रीजीम में टैक्सपेयर को ज्यादातर डिडक्शन की सुविधा नहीं मिलती है।

मंथली 125000 के निवेश से 15 साल में बनेगा बड़ा फंड

अगर 25 साल का कोई व्यक्ति पीपीएफ में हर महीने 12,500 रुपये का निवेश शुरू करता है तो उसके 40 साल के होने पर पीपीएफ में उसका निवेश मैच्योर कर जाएगा। हर महीने 12,500 रुपये निवेश का मतलब साल में कुल 1.50 लाख रुपये का निवेश है। पीपीएफ में इंटरेस्ट रेट 7.1 फीसदी है। इस तरह 15 साल में आप कुल 22,50,000 रुपये का निवेश करेंगे।

पीपीएफ के मैच्योरिटी अमाउंट पर नहीं लगता है टैक्स

आपको 15 साल बाद पीपीएफ अकाउंट मैच्योर होने पर कुल 40,68,209 रुपये मिलेंगे। इसमें 18,18,209 रुपये इंटरेस्ट का होगा। पीपीएफ की खासियत यह है कि यह स्कीम एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट-एग्जेम्प्ट (EEE) कैटेगरी में आती है। इसका मतलब है कि न तो आपके निवेश पर टैक्स लगता है, न तो इंटरेस्ट पर टैक्स लगता है और न ही मैच्योरिटी अमाउंट पर टैक्स लगता है। इस वजह से मैच्योरिटी का पूरा पैसा आपके बैंक अकाउं में आता है।

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म्यूचुअल फंड में सिर्फ 9 साल के निवेश से एक करोड़ का फंड तैयार

पीपीएफ अंकाउंट मैच्योर करने पर आपको जो 40,68,209 रुपये मिलेंगे, उसे आपको एकमुश्त म्यूचुअल फंड की किसी अच्छी इक्विटी स्कीम में डालना होगा। 12 फीसदी सालाना रिटर्न के हिसाब से आपका यह पैसा सिर्फ 9 साल में 1,10,92,315 रुपये हो जाएगा। इस तरह सिर्फ 24 साल में आपके पास एक करोड़ रुपये का फंड तैयार हो जाएगा। म्यूचुअल फंड से मिले रिटर्न पर 12.5 फीसदी की दर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेंस टैक्स लगेगा। यह 8.75 लाख रुपये आएगा। इसका मतलब है कि टैक्स चुकाने के बाद भी आपके पास एक करोड़ रुपये से ज्यादा का फंड होगा।

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